भुवनेश्वर में राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस 2025 का भव्य आयोजन, केंद्रीय मंत्री करेंगे नई योजनाओं की घोषणा
12 जुलाई 2025, नई दिल्ली: भुवनेश्वर में राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस 2025 का भव्य आयोजन, केंद्रीय मंत्री करेंगे नई योजनाओं की घोषणा – देशभर में मछली आधारित प्रोटीन की मांग को पूरा करने, ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने और भारत की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने वाले मत्स्यपालकों के सम्मान में 10 जुलाई 2025 को राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस मनाया जा रहा है। इस वर्ष का मुख्य आयोजन ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद – केंद्रीय मीठाजल जीवनपालन अनुसंधान संस्थान में किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री करेंगे प्रमुख घोषणाएं
इस कार्यक्रम में केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन और ओडिशा सरकार के मत्स्य मंत्री श्री गोकुलानंद मलिक सहित कई गणमान्य अतिथि शामिल होंगे।
केंद्रीय मंत्री इस अवसर पर मत्स्यपालन से जुड़ी कई नई योजनाओं और पहलों की घोषणा करेंगे। इसमें नए मत्स्य पालन क्लस्टरों की स्थापना, आईसीएआर प्रशिक्षण कैलेंडर का विमोचन, और बीज प्रमाणीकरण एवं हैचरी संचालन से जुड़े दिशा-निर्देशों का अनावरण शामिल है।
लाभार्थियों को मिलेगा सम्मान, परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी
कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार द्वारा पारंपरिक मछुआरों, एफएफपीओ, सहकारी समितियों, केसीसी कार्डधारकों और मत्स्य स्टार्टअप्स को भी सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत समर्थित मत्स्य पालन परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी और कुछ का उद्घाटन भी होगा। यह पहल देश में मत्स्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, नवाचार और समावेशी विकास को नया बल देगी।
मत्स्य क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व प्रगति
भारत सरकार द्वारा मत्स्य पालन क्षेत्र में किए गए निवेश और सुधारों के चलते 2013-14 के 95.79 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में मछली उत्पादन 195 लाख टन तक पहुंच गया है, यानी 104% की वृद्धि।
अंतर्देशीय मत्स्य पालन में 140% और झींगा उत्पादन में 270% की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही भारत का समुद्री खाद्य निर्यात 60,500 करोड़ रुपए से अधिक पहुंच गया है, जो इस क्षेत्र में भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
मत्स्यपालकों की मेहनत को मिली पहचान
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी विभाग ने देश के मत्स्यपालकों और मछुआरों के योगदान को सम्मानित करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, नवाचार और समर्पण ने भारत को नीली क्रांति की राह पर अग्रसर किया है। राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस उनके प्रति आभार व्यक्त करने और जलीय संसाधनों के स्थायी प्रबंधन पर विचार करने का एक सशक्त मंच है।
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