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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

10 हजार करोड़ से अधिक लागत का नामरूप फर्टिलाइजर कारखाना लगेगा

12 लाख मीट्रिक टन से अधिक होगा यूरिया का सालाना उत्पादन

26 मार्च 2025, नई दिल्ली: 10 हजार करोड़ से अधिक लागत का नामरूप फर्टिलाइजर कारखाना लगेगा – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीवीएफसीएल), नामरूप असम के मौजूदा परिसर में 12.7 लाख मीट्रिक टन वार्षिक यूरिया उत्पादन क्षमता का एक नया ब्राउनफील्ड अमोनिया-यूरिया कॉम्प्लेक्स स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसकी अनुमानित कुल परियोजना लागत 10,601.40 करोड़ रुपये है तथा ऋण इक्विटी अनुपात 70:30 है।

नए ब्राउनफील्ड अमोनिया-यूरिया कॉम्प्लेक्स नामरूप ढ्ढङ्क उर्वरक संयंत्र की स्थापना, नई निवेश नीति, 2012 (7 अक्टूबर, 2014 को इसके संशोधनों सहित) के तहत एक संयुक्त उद्यम (जेवी) के माध्यम से स्थापित किया जाएगा।नामरूप-ढ्ढङ्क परियोजना के चालू होने की संभावित समय-सीमा 48 महीने है। इस प्रोजेक्ट्स से देश में विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र में घरेलू यूरिया उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। यह पूर्वोत्तर, बिहार, पश्चिम बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड में यूरिया उर्वरकों की बढ़ती मांग को पूरा करेगा।

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प्रस्तावित संयुक्त उद्यम में इक्विटी पैटर्न इस प्रकार होगा- असम सरकार 40 प्रतिशत, ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन लि. 11 प्रतिशत, हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लि. 13 प्रतिशत, नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड 18 प्रतिशत तथा ऑयल इंडिया लिमिटेड 18 प्रतिशत। नामरूप-ढ्ढङ्क इकाई की स्थापना से देश में यूरिया के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।केंद्रीय मंत्रिमंडल के अन्य निर्णय संशोधित राष्ट्रीय गोकुल मिशन को स्वीकृति। इस योजना के लिए 2021-22 से 2025-26 तक 15वें वित्त आयोग चक्र के दौरान कुल 3400 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इसी प्रकार राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम को हरी झंडी दी गई है। इस केंद्रीय योजना के लिए कुल 2790 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है, जिसमें 1000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि शामिल है।

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