किसानों के लिए बड़ा फैसला, केंद्र ने खरीफ 2026-27 के लिए ₹5,548 करोड़ की खरीद को दी मंजूरी
02 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली: किसानों के लिए बड़ा फैसला, केंद्र ने खरीफ 2026-27 के लिए ₹5,548 करोड़ की खरीद को दी मंजूरी – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने मूल्य समर्थन योजना (Price Support Scheme – PSS) के तहत उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में प्रमुख दलहन और तिलहन फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद के लिए कुल 5,547.99 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य बाजार में फसलों की कीमतों में गिरावट से किसानों को बचाना और उन्हें उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाना है।
उत्तर प्रदेश में ₹3,992.57 करोड़ की खरीद
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए सबसे बड़ा हिस्सा तय करते हुए कुल 3,992.57 करोड़ रु. की खरीद को शिवराज सिंह चौहान द्वारा हरी झंडी दी गई है। इसके तहत राज्य में 3,937.70 करोड़ रु. मूल्य की 4,66,000 मीट्रिक टन तुअर और 54.87 करोड़ रु. मूल्य की 6,250 मीट्रिक टन मूंग की खरीद समर्थन मूल्य पर की जाएगी।
कर्नाटक में सोयाबीन, मूंग और सूरजमुखी की खरीद
कर्नाटक के दलहन और तिलहन उत्पादक किसानों के लिए 1,107 करोड़ रु. की उपज खरीद का अनुमोदन किया गया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह द्वारा दी गई मंजूरी से कर्नाटक में 659.27 करोड़ रु. मूल्य की 1,15,500 मीट्रिक टन सोयाबीन, 335.83 करोड़ रु. मूल्य की 38,250 मीट्रिक टन मूंग तथा 111.90 करोड़ रु. मूल्य की 13,413 मीट्रिक टन सूरजमुखी (सनफ्लावर) की खरीद PSS के तहत की जाएगी।
तेलंगाना में ₹448.42 करोड़ की खरीद
इसके साथ ही, तेलंगाना के किसानों के हित में कुल 448.42 करोड़ रु. की खरीद को केंद्रीय मंत्री श्री चौहान द्वारा स्वीकृति दी गई है। इसमें 353.90 करोड़ रु. मूल्य की 62,000 मीट्रिक टन सोयाबीन और 94.52 करोड़ रु. मूल्य की 10,766 मीट्रिक टन मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीद शामिल है।
किसानों को सीधे बैंक खाते में मिलेगा भुगतान
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि देश में दलहन और तिलहन के उत्पादन को बढ़ावा देकर भारत को खाद्य तेलों और दालों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी उपार्जन केंद्रों पर खरीद की व्यवस्थाएं पारदर्शी रहेंगी और किसानों को उनकी उपज की राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में समयबद्ध तरीके से किया जाएगा।
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