राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

जानिए, कितनी खपत है यूरिया की भारत में

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22 फरवरी 2023, नई दिल्ली: जानिए, कितनी खपत है यूरिया की भारत में – देश में उर्वरक की मांग में निरंतर वृद्धि हो रही है जबकि उत्पादन में वृद्धि दर तुलनात्मक रूप से कम है। सरकार के सभी प्रयासों के बाद भी मांग और उत्पादन के अंतर में कमी नहीं हो पा रही है। रसायन और उर्वरक मंत्रालय द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019-20 में यूरिया की मांग 335.26 लाख मै. टन और यूरिया का उत्पादन 244.55 लाख मै. टन था। मांग और उत्पादन में अंतर लगभग 90 लाख मै. टन था। वर्ष 2020-21 में मांग बढ़कर 350.64 लाख मै. टन हो गई, जबकि उत्पादन बढ़कर 246.03 लाख मै. टन ही हुआ।

इस तरह मांग और उत्पादन में अंतर बढ़कर लगभग 104 लाख मै. टन हो गया। इसी तरह 2021-22 में यूरिया की मांग 356.53 लाख मै. टन थी, जबकि उत्पादन 250.72 लाख मै. टन हुआ। मांग और आपूर्ति में अंतर लगभग 106 लाख मै. टन हो गया। चालू वर्ष 2022-23 के नौ माह (दिसंबर 2022 तक) में यह अंतर लगभग 82 लाख मै. टन पहुंच गया है। इस अवधि में 294.84 लाख मै. टन की मांग के विरुद्ध उत्पादन 210.98 मै. टन हुआ हैै।

मांग और उत्पादन के इस अंतर की पूर्ति के लिए सरकार की यूरिया आयात पर निर्भरता बनी हुई है। हांलाकि केन्द्र सरकार का दावा है कि 6 नई यूरिया इकाइयों की स्थापना के बाद स्वदेशी यूरिया उत्पादन क्षमता में 76 लाख मै. टन प्रति वर्ष की वृद्धि हुई है।

सरकार का यह दावा कितना सच साबित होगा इसका जवाब तो भविष्य के गर्भ मेें छिपा है। यूरिया आयात पर निर्भरता एक ओर सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ाती है, वहीं समय पर यूरिया की अनुपलब्धता किसान के लिये भी पीड़ादायक साबित होती है।

वर्षआवश्यकता/मांग (आंकड़े एलएमटी में)
 यूरियाडीएपीएनपीकेएस
2019-20335.26103.30104.82
2020-21350.64107.76108
2021-22356.53123.90122.74
2022-23294.84102.1698.68

(दिसम्बर, 2022 तक)

वर्षउर्वरक उत्पादन (आंकड़े एलएमटी में) 
 यूरियाडीएपीएनपीकेएसएमओपी
2019-20244.5545.593.34
2020-21246.0337.74100.54
2021-22250.7242.2289.67
2022-23210.9831.8076.5

(दिसम्बर, 2022 तक)

वर्षउर्वरकों का आयात (आंकड़े एलएमटी में) 
 यूरियाडीएपीएनपीकेएसएमओपी
2019-2091.2348.77.4636.70
2020-2198.2848.8213.9042.27
2021-2291.3654.6211.724.6
2022-2362.4453.1820.8616.22

(दिसम्बर, 2022 तक)

(एनपीके उत्पादन में मिश्रित उर्वरक और अमोनियम सल्फेट शामिल है)

महत्वपूर्ण खबर: गेहूँ मंडी रेट (20 फरवरी 2023 के अनुसार) 

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