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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भाकृअनुप–अटारी गुवाहाटी में किसान सारथी 2.0 कार्यशाला, डिजिटल कृषि विस्तार पर फोकस  

01 मई 2026, नई दिल्ली: भाकृअनुप–अटारी गुवाहाटी में किसान सारथी 2.0 कार्यशाला, डिजिटल कृषि विस्तार पर फोकस – भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-अटारी), जोन VI, गुवाहाटी द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), कामरूप में “किसान सारथी 2.0” विषय पर एक दिवसीय जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डिजिटल कृषि विस्तार सेवाओं को सशक्त बनाना तथा हितधारकों के बीच किसान सारथी मंच के प्रति जागरूकता और इसके उपयोग को बढ़ावा देना रहा।

कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में डॉ. जी. कादिरवेल, निदेशक, भाकृअनुप–अटारी, जोन VI, गुवाहाटी ने स्वागत संबोधन दिया। उन्होंने किसानों तक प्रभावी पहुंच और परामर्श सेवाओं को बेहतर बनाने में डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर “किसान सारथी पुस्तिका” का विमोचन भी किया गया, जिससे किसानों को जानकारी सरल और सुलभ रूप में उपलब्ध हो सके।

किसान सारथी 2.0 के उन्नत फीचर्स पर विस्तृत चर्चा

तकनीकी सत्रों में किसान सारथी 2.0 के उन्नत फीचर्स की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने इवेंट मैनेजमेंट, संसाधन भंडार, डैशबोर्ड, ऑनलाइन बैठकें और एकीकृत हेल्प डेस्क प्रणाली जैसी सुविधाओं पर विस्तार से बताया। यह प्लेटफॉर्म कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) को कार्यक्रम अपलोड करने, ज्ञान संसाधन साझा करने और मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल तथा व्हाट्सएप जैसे माध्यमों से किसानों से सीधे जुड़ने में सक्षम बनाता है।

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एआई आधारित सलाह प्रणाली से किसानों को मिलेगा लाभ

सत्र में बताया गया कि किसान सारथी 2.0 वैज्ञानिक परामर्श व्यवस्था की रीढ़ के रूप में कार्य करेगा। इसमें चैटबॉट सिस्टम, एआई आधारित सलाहकारी तंत्र, संरचित प्रश्न प्रबंधन और सेवा स्तरीय समझौते (SLA) जैसी सुविधाएं शामिल हैं। बहु-चैनल किसान सहायता प्रणाली के माध्यम से किसानों की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

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डिजिटल ज्ञान भंडार और क्षमता निर्माण पर जोर

कार्यशाला में केवीके द्वारा तैयार सामग्री को राष्ट्रीय स्तर पर सुलभ डिजिटल ज्ञान भंडार में बदलने पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को कृषि विस्तार सामग्री के डिजिटलीकरण, किसान पंजीकरण बढ़ाने और प्लेटफॉर्म के सक्रिय उपयोग के लिए प्रेरित किया गया।

किसानों और विशेषज्ञों के बीच संवाद सत्र

एक संवादात्मक फीडबैक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें किसानों, एफपीओ प्रतिनिधियों और केवीके कर्मियों ने अपने अनुभव, चुनौतियां और सुझाव साझा किए। चर्चा में जागरूकता बढ़ाने, क्षमता निर्माण और निरंतर तकनीकी सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया।

डिजिटल नवाचार से कृषि सेवाओं को नई दिशा

यह कार्यशाला डिजिटल नवाचार के माध्यम से कृषि सलाहकारी सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। इसका उद्देश्य किसानों को समय पर, विश्वसनीय और सुलभ जानकारी उपलब्ध कराना तथा कृषि विस्तार प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है।

कार्यक्रम में भाकृअनुप के वैज्ञानिकों, केवीके प्रतिनिधियों, विषय विशेषज्ञों (एसएमएस), एफपीओ प्रतिनिधियों और किसानों सहित कुल लगभग 105 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

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