जनेकृविवि ने अंतर्राष्ट्रीय सेमीनार में कोदो-कुटकी-सांवा को प्रदर्शित किया

Share

आदिवासी बैगा लहरी बाई के जैव विविधता संरक्षण की सराहना

23 सितम्बर 2022, नई दिल्ली: जनेकृविवि ने अंतर्राष्ट्रीय सेमीनार में कोदो-कुटकी-सांवा को प्रदर्शित किया – नई दिल्ली में आयोजित 6 दिवसीय पादप संधि अंतर्गत 140 से अधिक देशों की भागीदारी एवं वैश्विक स्तर पर जैव विविधता के संरक्षण, संवर्धन एवं भविष्य में बेहतर उपयोग हेतु आयोजित इस अंतर्राष्ट्रीय सेमीनार में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक भी भागीदारी निभा रहे हैं। जी. बी. 9 का आयोजन सेलिब्रेटिंग द गार्जियस ऑफ क्रॉप डायवर्सिटी, टूवर्डस ए इनक्लूसिव इन पोस्ट-2020 ’’ग्लोबल बायो डायवर्सिटी फ्रेमवर्क’’, थीम के तहत किया जा रहा है।

इसके अन्तर्गत मध्य प्रदेश की जैव विविधता व विशेष रूप से सर्वाधिक आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र डिण्डोरी की जैव विविधता की प्रस्तुति 140 देशों के वैश्विक सम्मेलन में प्रस्तुत की गई, इसकी शानदार प्रस्तुति हेतु आदिवासी महिला कु. लहरी बाई, बैगा, ग्राम सिलपिड़ी चाक, विकासखण्ड बजाग, जिला डिण्डोरी द्वारा माइनर मिलेट (कोदो, कुटकी, सांवा) के लोकल किस्मों के बीजों का संग्रहण, संवर्धन व संरक्षण कर विलुप्त हो रही किस्मों को किसानों के बीच पुनः किस्मों के बीजों को वितरित कर, इन विलुप्त होती प्रजातियों को बचाने का अमूल्य कार्य कर रही हैं। कु. लहरी बाई जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के माध्यम से इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मिट में भाग ले रही हैं, इसके अलावा जैव विविधता के अन्तर्गत विश्वविद्यालय के कार्यो का व्यापक प्रदर्शन व डिण्डोरी के माइनर मिलेट्स के कार्यो की जानकारी प्रस्तुत करने हेतु ख्यातिलब्ध वैज्ञानिकों की टीम भी इसमें शिरकत कर रही हैं। जिसमें डॉ. डी. एन. श्रीवास वरिष्ट वैज्ञानिक व कोदो कुटकी फसलों विशेषज्ञ डॉ. संजय सिंह, पौध प्रजनक वैज्ञानिक, डॉ. मनीषा, शस्य वैज्ञानिक आदि शामिल है।

महत्वपूर्ण खबर: किसान अब 1.60 लाख रुपये तक का ऋण  मोबाइल से ही स्वीकृत करा सकेंगे

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम )

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.