बजट 2026-27 भारत: कृषि आवंटन को समझने के लिए विस्तृत प्रश्न–उत्तर
03 फरवरी 2026, नई दिल्ली: बजट 2026-27 भारत: कृषि आवंटन को समझने के लिए विस्तृत प्रश्न–उत्तर – जब केंद्रीय बजट में कृषि की बात होती है, तो अक्सर चर्चा केवल कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तक सीमित रह जाती है। जबकि वास्तविकता यह है कि भारत में कृषि एक व्यापक बजटीय ढांचे के माध्यम से संचालित होती है। फसल उत्पादन, उर्वरक, ग्रामीण आजीविका, पशुपालन, मत्स्यपालन, भूमि संसाधन और स्थानीय शासन से जुड़े विषय अलग-अलग मंत्रालयों के अंतर्गत आते हैं, जिनकी नीतिगत जिम्मेदारियाँ और वित्तीय आवंटन भी अलग हैं। बजट 2026-27 इसी बहु-मंत्रालयीय संरचना को दर्शाता है, जिससे यह समझना आवश्यक हो जाता है कि कृषि और किसानों के लिए सार्वजनिक व्यय केवल एक मंत्रालय तक सीमित नहीं है।
प्रश्न 1: क्या बजट 2026-27 में कृषि का मतलब केवल कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय है?
नहीं। भारत में कृषि से जुड़ा सार्वजनिक व्यय केवल कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तक सीमित नहीं है। कृषि से जुड़े कई महत्वपूर्ण क्षेत्र—जैसे उर्वरक, ग्रामीण रोजगार, पशुपालन, डेयरी, मत्स्यपालन, भूमि संसाधन और स्थानीय शासन—अलग-अलग मंत्रालयों के अंतर्गत आते हैं और इनके बजटीय शीर्ष भी अलग हैं।
प्रश्न 2: बजट 2026-27 में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को कितना आवंटन मिला है?
बजट 2026-27 में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को ₹1.40 लाख करोड़ का कुल आवंटन मिला है। वर्ष 2025-26 में यह आवंटन ₹1.37 लाख करोड़ था। इस प्रकार, मंत्रालय के बजट में 2.19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
प्रश्न 3: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत कौन-कौन से विभाग आते हैं?
इस मंत्रालय के अंतर्गत दो प्रमुख विभाग कार्य करते हैं:कृषि एवं किसान कल्याण विभागकृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग
प्रश्न 4: इन दोनों विभागों को बजट 2026-27 में कितना आवंटन मिला है?
बजट 2026-27 में:कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को ₹1.30 लाख करोड़ का आवंटन मिला है, जो पिछले वर्ष के ₹1.27 लाख करोड़ से अधिक है।कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग को ₹9.98 हजार करोड़ मिले हैं, जबकि वर्ष 2025-26 में यह ₹10.46 हजार करोड़ था।
प्रश्न 5: उर्वरक कृषि मंत्रालय के अंतर्गत क्यों नहीं आते?
उर्वरक कृषि मंत्रालय के अंतर्गत नहीं आते, बल्कि रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अधीन होते हैं। यह व्यवस्था इसलिए है क्योंकि उर्वरक उत्पादन, आपूर्ति और सब्सिडी का प्रशासन औद्योगिक और रासायनिक क्षेत्र से जुड़ा होता है।
प्रश्न 6: बजट 2026-27 में उर्वरकों के लिए कितना आवंटन किया गया है?
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत उर्वरक विभाग को बजट 2026-27 में ₹1.70 लाख करोड़ का आवंटन मिला है। वर्ष 2025-26 में यह आवंटन ₹1.56 लाख करोड़ था। इस प्रकार, उर्वरक बजट में 8.97 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
प्रश्न 7: ग्रामीण विकास मंत्रालय का कृषि से क्या संबंध है?
ग्रामीण विकास मंत्रालय सीधे फसल उत्पादन से नहीं जुड़ा होता, लेकिन यह ग्रामीण रोजगार, आजीविका, बुनियादी ढांचे और भूमि से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है।
प्रश्न 8: बजट 2026-27 में ग्रामीण विकास मंत्रालय को कितना आवंटन मिला है?
ग्रामीण विकास मंत्रालय को बजट 2026-27 में ₹1.97 लाख करोड़ का आवंटन मिला है, जबकि वर्ष 2025-26 में यह ₹1.90 लाख करोड़ था।
प्रश्न 9: ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत कौन-कौन से विभाग आते हैं और उनका आवंटन क्या है?
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत:ग्रामीण विकास विभाग: ₹1.94 लाख करोड़ (पिछले वर्ष ₹1.87 लाख करोड़)भूमि संसाधन विभाग: ₹2.65 हजार करोड़ (पिछले वर्ष के समान)
प्रश्न 10: पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन को अलग मंत्रालय में क्यों रखा गया है?
पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन को कृषि के संबद्ध क्षेत्र माना जाता है। ये फसल आधारित खेती से अलग आजीविका और आय के स्रोत प्रदान करते हैं, इसलिए इनके लिए अलग मंत्रालय बनाया गया है।
प्रश्न 11: बजट 2026-27 में मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय को कितना आवंटन मिला है?
इस मंत्रालय को बजट 2026-27 में ₹8.90 हजार करोड़ का आवंटन मिला है, जबकि 2025-26 में यह ₹7.54 हजार करोड़ था। यह 18.04 प्रतिशतकी वृद्धि को दर्शाता है।
प्रश्न 12: इस मंत्रालय के अंतर्गत विभागों का आवंटन क्या है?
मत्स्यपालन विभाग: ₹2.70 हजार करोड़ (कोई परिवर्तन नहीं)पशुपालन एवं डेयरी विभाग: ₹6.15 हजार करोड़ (पिछले वर्ष ₹4.84 हजार करोड़)
प्रश्न 13: पंचायती राज मंत्रालय की भूमिका क्या है?
पंचायती राज मंत्रालय ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को मजबूत करता है, जो कृषि और ग्रामीण योजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाती हैं।
प्रश्न 14: बजट 2026-27 में पंचायती राज मंत्रालय को कितना आवंटन मिला है?
पंचायती राज मंत्रालय को बजट 2026-27 में ₹1.19 हजार करोड़ का आवंटन मिला है, जबकि 2025-26 में यह ₹1.18 हजार करोड़ था।
बजट 2026-27: कृषि से जुड़े मंत्रालयों और विभागों का सारांश
मंत्रालय / विभागबजट 2026-27बजट 2025-26वृद्धि (%)कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (कुल)₹1.40 लाख करोड़₹1.37 लाख करोड़2.19└ कृषि एवं किसान कल्याण विभाग₹1.30 लाख करोड़₹1.27 लाख करोड़2.36└ कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग₹9.98 हजार करोड़₹10.46 हजार करोड़−4.59रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय———└ उर्वरक विभाग₹1.70 लाख करोड़₹1.56 लाख करोड़8.97ग्रामीण विकास मंत्रालय (कुल)₹1.97 लाख करोड़₹1.90 लाख करोड़3.68└ ग्रामीण विकास विभाग₹1.94 लाख करोड़₹1.87 लाख करोड़3.74└ भूमि संसाधन विभाग₹2.65 हजार करोड़₹2.65 हजार करोड़0मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय (कुल)₹8.90 हजार करोड़₹7.54 हजार करोड़18.04└ मत्स्यपालन विभाग₹2.70 हजार करोड़₹2.70 हजार करोड़0└ पशुपालन एवं डेयरी विभाग₹6.15 हजार करोड़₹4.84 हजार करोड़27.07पंचायती राज मंत्रालय₹1.19 हजार करोड़₹1.18 हजार करोड़0.85
मुख्य निष्कर्ष
बजट 2026-27 यह स्पष्ट करता है कि भारत में कृषि केवल एक मंत्रालय का विषय नहीं है। फसल उत्पादन, उर्वरक, ग्रामीण रोजगार, पशुपालन, मत्स्यपालन, भूमि प्रबंधन और स्थानीय शासन—ये सभी अलग-अलग मंत्रालयों के माध्यम से वित्तपोषित और संचालित होते हैं। इसलिए कृषि बजट को समझने के लिए पूरे बहु-मंत्रालयीय ढांचे को देखना आवश्यक है।
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