उर्वरक की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कीमतें

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सरकार बढ़ाएगी सब्सिडी बजट

(विशेष प्रतिनिधि)

30 अप्रैल 2022, नई दिल्ली ।  उर्वरक की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कीमतें अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों के बढ़ते दाम से भारतीय किसानों को राहत देने के लिये केन्द्र सरकार सब्सिडी बजट में बढ़ोत्तरी कर सकती है। केन्द्र के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस आशय का एक केबिनेट प्रस्ताव वित्त मंत्रालय के पास विचाराधीन है। संभावना है कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में पी. एंड के. की बढ़ी हुई सब्सिडी पर विचार कर सकती है।

सूत्र बताते हैं कि 2022-23 में यूरिया के लिए आवंटित अनुदान 67 हजार 187 करोड़ रु. को बढ़ाकर 1 लाख 20 हजार करोड़ रु. किया जा सकता है। इसी तरह पी एंड के फर्टिलाइजर पर अनुदान को 21 हजार करोड़ से बढ़ाकर 60 हजार करोड़ रु. किया जा सकता है। यह वृद्धि खरीफ सीजन के लिए होगी। वर्ष 2022-23 में कुल फर्टिलाइजर सब्सिडी बजट में आवंटित राशि 1 लाख 9 हजार करोड़ रु. से बढक़र 2 लाख 46 हजार करोड़ रु. हो जाएगी।

उल्लेखनीय है गत दिनों हुए खरीफ सम्मेलन में उर्वरक सचिव श्री आर.के. चतुर्वेदी ने कहा था कि आगामी खरीफ के लिए फर्टिलाइजर की कोई कमी नहीं है। वैश्विक स्तर पर फर्टिलाइजर के बढ़े मूल्यों के मद्देनजर सरकार जल्द ही चालू वित्त वर्ष में गैर यूरिया फर्टिलाइजर के लिए संशोधित सब्सिडी की घोषणा करेगी।

उन्होंने कहा वर्ष 2022 के खरीफ सीजन के लिए कुल 354.34 लाख टन फर्टिलाइजर की जरूरत का अनुमान है। जबकि घरेलू स्तर पर कुल 485.59 लाख टन फर्टिलाइजर उपलब्ध है, जिसमें 104.72 लाख टन आयातित फर्टिलाइजर है और 254.79 लाख टन फर्टिलाइजर का घरेलू उत्पादन किया गया है। खरीफ सीजन के लिए यूरिया की उपलब्धता 256.22 लाख टन है। जबकि जरूरत केवल 179 लाख टन    होती है।

उर्वरक सचिव ने बताया घरेलू स्टाक में 81.42 लाख टन डाई अमोनियम फास्फेट (डीएपी) है, जबकि जरूरत केवल 58.82 लाख टन की है। खरीफ सीजन की आवश्यकताओं के लिए कुल 104.72 लाख टन फर्टिलाइजर के आयात का अनुमान है। इसमें 40 लाख टन यूरिया, 29 लाख टन डीएपी, 23.18 लाख टन एमओपी और 13.22 लाख टन एसएसपी शामिल होगा।

श्री चतुर्वेदी ने कहा कि मंत्रिमंडल की होने वाली बैठक में न्यूट्रिएंट आधारित फर्टिलाइजर सब्सिडी के प्रस्ताव पर फैसला किया जाएगा, जिसे एक अप्रैल से लागू माना जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में यूरिया के मूल्य में 145 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जबकि डीएपी में 66 प्रतिशत, एमओपी में 116 प्रतिशत, सल्फर में 102 प्रतिशत, फास्फेट एसिड में 134 प्रतिशत और राक फास्फेट में 77 प्रतिशत की वृद्धि पिछले साल भर में हुई है।

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