राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

आईएफएडी के उपाध्यक्ष ने कृषि सचिव से की मुलाकात, किसान संगठनों की स्थिरता पर हुई चर्चा

28 जनवरी 2025, नई दिल्ली: आईएफएडी के उपाध्यक्ष ने कृषि सचिव से की मुलाकात, किसान संगठनों की स्थिरता पर हुई चर्चा – अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (आईएफएडी) के एसोसिएट उपाध्यक्ष श्री डोनल ब्राउन ने सोमवार को कृषि भवन में भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने जलवायु अनुकूल कृषि, महिला सशक्तिकरण, युवाओं और जनजातीय समुदायों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर चर्चा की।

श्री ब्राउन ने आईएफएडी के संस्थापक सदस्य के रूप में भारत की भूमिका की सराहना की और बताया कि उत्तर-पूर्व और हिमालयी क्षेत्रों में आईएफएडी की परियोजनाएं जलवायु-अनुकूल कृषि मूल्य श्रृंखलाओं के निर्माण और ग्रामीण अवसंरचना को मजबूत करने पर केंद्रित हैं। उन्होंने सीमांत किसानों के समर्थन और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी जानकारी साझा की।

क्षेत्रीय परियोजनाओं पर फोकस

आईएफएडी ने उत्तर-पूर्व और हिमालयी क्षेत्रों में अपनी परियोजनाओं को जलवायु-अनुकूल कृषि के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि करना है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना भी है। इसके अतिरिक्त, इन क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों के लिए विशेष सहायता योजनाएं चलाई जा रही हैं।

कृषि सचिव ने साझा की प्राथमिकताएं

कृषि सचिव डॉ. चतुर्वेदी ने किसानों की आय में सुधार, खाद्य और पोषण सुरक्षा, तथा सतत कृषि प्रथाओं पर मंत्रालय की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) की स्थिरता सुनिश्चित करने और कृषि में नवाचार को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के उपयोग और एकीकृत कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

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आईएफएडी की मौजूदा परियोजनाओं का प्रभाव

बैठक में चर्चा हुई कि आईएफएडी की परियोजनाएं सीमांत किसानों और ग्रामीण समुदायों को किस प्रकार सहायता प्रदान कर रही हैं। इन परियोजनाओं के तहत जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा, ग्रामीण अवसंरचना को मजबूत करने और कृषि मूल्य श्रृंखलाओं को बेहतर बनाने के प्रयास भी जारी हैं।

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कृषि सचिव ने सह-वित्तपोषण (Co-financing) के माध्यम से एकीकृत कृषि मॉडल को विकसित करने में आईएफएडी की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देगी। आईएफएडी ने भी भारत सरकार के साथ तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।

बैठक में महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने के लिए चल रही योजनाओं पर भी चर्चा की गई। आईएफएडी की परियोजनाएं इन समूहों को न केवल प्रशिक्षण प्रदान करती हैं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए विभिन्न अवसर भी प्रदान करती हैं।

इस बैठक में आईएफएडी की ओर से प्रबंध निदेशक श्री पीटरनेल मैरिएन बूगार्ड, कंट्री निदेशक श्री अब्देलकरीम समा, और कार्यक्रम अधिकारी सुश्री एलिज़ाबेथ स्टीनमायर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। भारत की ओर से अतिरिक्त सचिव सुश्री मनिंदर कौर द्विवेदी, संयुक्त सचिव (आईसी) और नाबार्ड के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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