राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

वैश्विक भू-राजनीतिक परिवर्तनों के बीच कृषि जोखिमों से निपटने के लिए ICAR ने विशेष कार्यबल का गठन किया

08 अप्रैल 2026, नई दिल्ली: वैश्विक भू-राजनीतिक परिवर्तनों के बीच कृषि जोखिमों से निपटने के लिए ICAR ने विशेष कार्यबल का गठन किया – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने कृषि क्षेत्र से जुड़े उभरते वैश्विक जोखिमों का आकलन करने और उनके समाधान हेतु रणनीतियाँ तैयार करने के लिए एक विशेष कार्यबल (Special Task Force – STF) का गठन किया है। यह निर्णय सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) तथा महानिदेशक, ICAR की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया।

इस कार्यबल ने खाद्य एवं कृषि इनपुट सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक कार्य-ढांचा प्रस्तुत किया, जिसमें जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

‘मेरा गाँव मेरा गौरव’ (MGMG) कार्यक्रम के तहत ICAR ने 100 आकांक्षी जिलों में किसान पहुंच बढ़ाने की योजना बनाई है। इस पहल के माध्यम से मौजूदा संस्थागत ढांचे का उपयोग करते हुए किसानों को फसल प्रबंधन के संपूर्ण पैकेज उपलब्ध कराए जाएंगे और क्षेत्रीय स्तर पर विश्वास निर्माण किया जाएगा।

मृदा स्वास्थ्य और उर्वरक उपयोग के क्षेत्र में ICAR एक विशेष अभियान शुरू करेगा। इसके तहत गेहूं और धान जैसी प्रमुख फसलों में उर्वरकों के उपयोग का जिला स्तर पर आकलन किया जाएगा, जिससे संतुलित पोषण प्रबंधन और जैव-इनपुट्स के उपयोग को बढ़ावा दिया जा सके।

फसल विविधीकरण के तहत ICAR मिलेट उत्पादक क्षेत्रों का मानचित्रण कर रहा है, ताकि भूमि उपयोग को बेहतर बनाया जा सके। इसके साथ ही कम उत्पादकता वाले धान क्षेत्रों में वैकल्पिक गतिविधियों जैसे मत्स्य पालन और अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने की योजना है, जिससे खरीफ मौसम में किसानों की आय बढ़ सके।

कार्यबल ने यांत्रिक और तकनीकी उपायों पर भी जोर दिया है, जिसमें डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस (DSR) जैसी तकनीकों को बढ़ावा देने के साथ-साथ मौसम आधारित सलाह प्रणाली को मजबूत करना शामिल है।

कार्यान्वयन की निगरानी के लिए विभिन्न विषय विशेषज्ञ प्रभागों (SMDs) में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा करेंगे और समन्वित कार्ययोजना को आगे बढ़ाएंगे।

ICAR ने कहा कि यह विशेष कार्यबल आवश्यकता के अनुसार बैठक करेगा और संस्थागत डेटा तथा फील्ड फीडबैक के आधार पर सरकार को सुझाव प्रदान करेगा।

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