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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

एमएसपी बढ़ाने की मांग: किसान संगठनों ने सी2 लागत से 50% अधिक एमएसपी निर्धारित करने का आग्रह

01 जुलाई 2024, खरगोन: एमएसपी बढ़ाने की मांग: किसान संगठनों ने सी2 लागत से 50% अधिक एमएसपी निर्धारित करने का आग्रह – किसान संगठनों ने हाल ही में कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) से मुलाकात की और मांग की कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को उत्पादन की कुल लागत (सी2) से 50 प्रतिशत अधिक निर्धारित किया जाए। वर्तमान में एमएसपी ए2+एफएल लागत से 50 प्रतिशत अधिक निर्धारित है।

क्या है ए2+एफएल और सी2 लागत?

ए2+एफएल लागत में सभी नकद और गैर नकद खर्च शामिल होते हैं, जैसे बीज, उर्वरक, कीटनाशक, श्रम, पट्टे पर ली गई भूमि, ईंधन, सिंचाई आदि पर किए गए प्रत्यक्ष खर्च और अवैतनिक पारिवारिक श्रम का अनुमानित मेहनताना।

दूसरी ओर, सी2 लागत में ए2+एफएल के तहत भुगतान किए गए सभी खर्च और परिवार के श्रम की अनुमानित मजदूरी, साथ ही किसान के स्वामित्व वाली भूमि और अचल संपत्ति पर किराया और ब्याज शामिल है। इसलिए, सी2 को अधिक व्यापक और समग्र माना जाता है।  

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किसान संगठनों की प्रमुख मांगें

अखिल भारतीय किसान सभा ने CACP से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा एमएसपी व्यवस्था से 10 प्रतिशत से भी कम किसानों को लाभ मिलता है और पूरे देश में कोई गारंटीशुदा खरीद व्यवस्था नहीं है।

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किसान संगठनों ने मूल्य स्थिरीकरण के लिए निगमों के योगदान से मूल्य स्थिरीकरण कोष बनाने का भी सुझाव दिया है। इसके अलावा भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने भी एमएसपी को 50 प्रतिशत से अधिक तय करने का आग्रह किया है।

किसान संगठनों का मानना है कि एमएसपी को सी2 लागत से 50 फीसदी अधिक निर्धारित करने से किसानों को उचित मुआवजा मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। इससे उन्हें उनकी मेहनत का सही मूल्य मिल सकेगा और वे बेहतर जीवन जी सकेंगे।

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