हरियाणा: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भावांतर भरपाई योजना के तहत बाजरा किसानों को ₹380 करोड़ जारी किए
15 दिसंबर 2025, चंडीगढ़: हरियाणा: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भावांतर भरपाई योजना के तहत बाजरा किसानों को ₹380 करोड़ जारी किए – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को राज्य के बाजरा उत्पादक किसानों के लिए भावांतर भरपाई योजना के तहत ₹380 करोड़ की राशि जारी करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि के बिना राज्य का विकास संभव नहीं है और इसी कारण किसान कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
किसान मोर्चा के पदाधिकारियों को अपने सरकारी आवास संत कबीर कुटीर में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों को बुवाई से लेकर कटाई और बिक्री तक हर चरण में सहयोग प्रदान कर रही है। कृषि यंत्रों पर सब्सिडी, फसल नुकसान की स्थिति में मुआवजा, फसल बीमा और उपज की पूरी खरीद की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। खरीदी गई फसल का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में किसानों की 24 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की जा रही है। अब तक फसल खरीद के बदले लगभग 12 लाख किसानों के खातों में ₹1.64 लाख करोड़ की राशि जमा की जा चुकी है। बीते 11 वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति के लिए किसानों को ₹15,728 करोड़ का मुआवजा दिया गया है।
फसल खरीद और सरकारी सुविधाओं को सरल बनाने के लिए “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से किसान घर बैठे अपनी फसल बेच सकते हैं और बीज, उर्वरक, ऋण तथा कृषि उपकरणों से संबंधित सहायता प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीफ सीजन 2025 में प्राकृतिक आपदाओं से हुई फसल क्षति के लिए 53,821 किसानों को ₹116.51 करोड़ से अधिक की मुआवजा राशि जारी की जा चुकी है।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने ब्रिटिश काल से चली आ रही आबियाना व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया है और किसानों पर बकाया ₹133.55 करोड़ के पुराने आबियाना शुल्क को भी माफ किया गया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में गन्ने का भाव ₹415 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो देश में सबसे अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 108 मंडियों को ई-नाम पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे किसानों को ऑनलाइन फसल बिक्री की सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि पिंजौर में एशिया की सबसे बड़ी आधुनिक सेब, फल और सब्जी मंडी स्थापित की गई है। साथ ही हरियाणा ऑपरेशनल पायलट प्रोजेक्ट के तहत 1.54 लाख एकड़ भूमि में सुधार कार्य किया गया है।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना के तहत 19,723 किसानों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है, जो 31,873 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती अपना रहे हैं। इसके अंतर्गत किसानों को सहायता राशि प्रदान की गई है और देशी गायों की खरीद पर सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 20.18 लाख पात्र किसानों के खातों में ₹7,233 करोड़ की राशि जमा की जा चुकी है। वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 33.51 लाख से अधिक किसानों को ₹9,127 करोड़ का बीमा दावा भुगतान किया गया है।
उन्होंने कहा कि पैक्स के माध्यम से किसानों के लंबित ऋणों के समाधान के लिए शुरू की गई वन-टाइम सेटलमेंट योजना के तहत लाखों किसानों और ग्रामीण मजदूरों को ब्याज और जुर्माने में बड़ी राहत दी गई है, जिससे किसानों पर वित्तीय बोझ कम हुआ है।
जल संरक्षण और सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार माइक्रो इरिगेशन प्रणाली पर 85 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है। इसके अलावा भूमिगत पाइपलाइन और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली के लिए भी सहायता प्रदान की जा रही है। “हर खेत को पानी” के लक्ष्य के तहत संशोधित जलवाहिनी नीति-2021 के अंतर्गत पुराने जलमार्गों के पुनर्वास का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
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