राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

फसल क्षति मुआवजे के वितरण में गड़बड़ियों पर सरकार सख्त

21 अगस्त 2025, नई दिल्ली: फसल क्षति मुआवजे के वितरण में गड़बड़ियों पर सरकार सख्त – केंद्र सरकार ने फसल क्षति मुआवजे के वितरण में गड़बड़ियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। लोकसभा में पूछे गए तारांकित प्रश्न क्रमांक 376 के तहत सांसद डॉ. बच्छाव शोभा दिनेश ने इस मुद्दे को उठाया, जिसमें आरोप लगाया गया कि किसानों के लिए जारी मुआवजा राशि का गलत तरीके से वितरण हुआ।

वर्ष 2023-24 में ओलावृष्टि और बाढ़ से प्रभावित लगभग 13 लाख किसानों, जिनमें महाराष्ट्र के जालना जिले के किसान भी शामिल हैं, की मदद के लिए केंद्र सरकार ने ₹1,500 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की थी। लेकिन बाद में मिली शिकायतों में यह सामने आया कि कुछ ब्लॉक स्तर के अधिकारियों ने एक ही व्यक्ति को कई बार भुगतान किया।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन में स्वीकार किया कि सरकार ने इन शिकायतों को संज्ञान में लिया है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि जांच के आधार पर दोषी पाए गए अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाले कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत डिजिटल मॉनिटरिंग को और मजबूत किया जाएगा और दावों के सत्यापन की प्रक्रिया को सख्त बनाया जाएगा ताकि फर्जी या दोहराए गए भुगतान न हो सकें।

Advertisement
Advertisement

जलवायु परिवर्तन के चलते देश में फसलों को होने वाले नुकसान की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में किसानों को समय पर और पारदर्शी राहत मिलना बेहद अहम है। सरकार आने वाले हफ्तों में इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट और सुधारात्मक कदमों की जानकारी प्रस्तुत करेगी।

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com

Advertisements
Advertisement
Advertisement