राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

किसानों को मिलेगा हाई क्वालिटी मखाना बीज व ट्रेनिंग, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की बैठक में हुए ये बड़े फैसले

15 दिसंबर 2025, नई दिल्ली: किसानों को मिलेगा हाई क्वालिटी मखाना बीज व ट्रेनिंग, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की बैठक में हुए ये बड़े फैसले – राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की पहली बैठक शुक्रवार को नई दिल्ली के कृषि भवन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कृषि और किसान कल्याण विभाग के सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने की। इस बैठक में बोर्ड ने देशभर में मखाना क्षेत्र के समग्र और बाजारोन्मुखी विकास के लिए अहम फैसले लिए।

बैठक में राज्यों और अनुसंधान संस्थानों द्वारा जमा की गई वार्षिक कार्य योजनाओं की समीक्षा की गई और अलग-अलग हिस्सों के लिए बजट आवंटित किए गए। इसके अलावा, किसानों को उन्नत गुणवत्ता वाला मखाना बीज उपलब्ध कराने और उन्हें आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया।

किसानों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण बीज और प्रशिक्षण

बोर्ड ने यह निर्णय लिया कि एसएयू सबौर और सीएयू समस्तीपुर, बिहार को इस वर्ष और अगले वर्ष राज्यों की बीज की जरूरत पूरी करने के लिए जिम्मेदार बनाया जाएगा। इसके अलावा, राज्य कृषि विश्वविद्यालय, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, बिहार और एनआरसी मखाना, दरभंगा अलग-अलग राज्यों के प्रशिक्षकों को मखाना मूल्य शृंखला की अत्याधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देंगे। इससे पारंपरिक और नए इलाकों में मखाना की खेती को आसान बनाया जा सकेगा।

अनुसंधान, प्रसंस्करण और मार्केटिंग पर जोर

बैठक में अनुसंधान, खेती और प्रसंस्करण के लिए नई तकनीकें विकसित करने, ग्रेडिंग, ड्राइंग, पॉपिंग और पैकेजिंग के लिए अवसंरचना बढ़ाने, खेती के नए तरीकों को प्रोत्साहित करने, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, मार्केट लिंकेज और निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया। इस संस्थापक बैठक ने पूरे भारत में मखाना क्षेत्र के समन्वित, वैज्ञानिक और बाजारोन्मुखी वृद्धि के लिए रूपरेखा तय की।

राष्ट्रीय मखाना बोर्ड क्या है?

राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना केंद्रीय बजट 2025-26 के तहत की गई थी। प्रधानमंत्री ने 15 सितंबर 2025 को बिहार में बोर्ड को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया। सरकार ने इस क्षेत्र के विकास के लिए ₹476.03 करोड़ की केंद्रीय योजना (2025-26 से 2030-31) को स्वीकृति दी है। यह योजना अनुसंधान, गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन, किसानों की क्षमता बढ़ाने, बेहतर कटाई और कटाई के बाद के तरीके, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग, निर्यात प्रोत्साहन और गुणवत्ता नियंत्रण पर केंद्रित है।

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