राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

किसानों को नकली खाद-बीज से मिलेगा छुटकारा! बजट सत्र में आएगा बिल, मंत्री शिवराज सिंह ने किया बड़ा ऐलान

10 नवंबर 2025, नई दिल्ली: किसानों को नकली खाद-बीज से मिलेगा छुटकारा! बजट सत्र में आएगा बिल, मंत्री शिवराज सिंह ने किया बड़ा ऐलान – केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को महाराष्ट्र में ग्लोबल विकास ट्रस्ट (जीवीटी) कृषिकुल सिरसला, जिला बीड में 20 हजार किसानों को संबोधित किया। सम्मेलन में संबोधन से पहले केंद्रीय मंत्री चौहान ने किसानों के साथ आमने-सामने बैठकर सीधे बातचीत भी की। जहां विभिन्न किसानों ने मंत्री के साथ खेती से जुड़े अनुभव साझा किए और जानकारी भी दी की किस प्रकार से नए नवाचारों को अपनाने से खेती और उनके जीवन में चमत्कारी बदलाव आए हैं। किसानों ने रेशम की खेती, प्राकृतिक खेती के उपायों के साथ ही, जल संचय के उपायों पर नई पहल के बारे में केंद्रीय मंत्री को बताया।

केंद्रीय मंत्री ने विस्तारपूर्वक चर्चा के बाद किसानों की उन्नति के लिए जीवीटी के काम की सराहना करते हुए पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जीवीटी ने जो नए प्रयोग करके किसानों के जीवन और उनकी आय में परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया है उसके बारे में जानकारी अन्य गांवों और लोगों तक भी पहुंचाई जानी चाहिए। मंत्री चौहान ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना ही असली लक्ष्य है। उनका संकल्प है कि कोई भी किसान भाई-बहन मजबूरी में आत्महत्या का मार्ग ना चुने।

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किसान ही देश के अन्नदाता हैं: केंद्रीय मंत्री शिवराज

इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने 20 हजार किसानों के सम्मेलन को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसान सिर्फ किसान नहीं बल्कि अन्नदाता है जीवनदाता है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में पहली बार ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के माध्यम से देशभर के वैज्ञानिकों ने प्रयोगशालाओं की जगह व्यावाहारिक रूप से खेतों में जाकर किसानों से सीधे संवाद करते हुए शोध और आवश्यक जानकारी का लाभ किसानों तक पहुंचाया। मंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किसानों तक अच्छी गुणवत्ता वाले बीज सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ काम किया जा रहा है।

हर किसान को मिलेगा पाई-पाई का मुआवजा

केंद्रीय मंत्री ने मौसम में अचानक आने वाले बदलावों और उनके प्रभाव की भी बात की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अत्यधिक बारिश के कारण फसलें बड़ी मात्रा में प्रभावित हुई हैं।  फसलें बर्बाद होने से किसान का पूरा परिवार प्रभावित होता है, बच्चों का भविष्य प्रभावित होता है। लेकिन सरकार सचेत है। केंद्रीय मंत्री ने किसान भाई-बहनों को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर क्षतिग्रस्त इलाकों के किसानों की मदद करेगी और इस संकट से उन्हें बाहर निकालेगी। मंत्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार तात्कालिक रूप से किसानों को मुआवजा राशि देगी इसके अलावा एनडीआरएफ फंड के तहत भी राज्य सरकार को केंद्र की तरह से किसानों की मदद के लिए सहायता राशि दी जाएगी।

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साथ ही साथ यदि राज्य सरकार क्षति का आंकलन करने केंद्र से विशेष राहत पैकेज की मांग करती है, तो उसकी भी पूर्ति करने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि फसल बीमा योजना के अंतर्गत भी यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसान के नुकसान का पाई-पाई पैसा उनको मिल जाए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो किसानों से भी चर्चा की जाएगी।

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1, 2 और 2.5 रुपये के बीमा क्लेम पर दी सफाई

केंद्रीय मंत्री ने हाल ही में दिल्ली में बीमा कंपनियों के साथ हुई समीक्षा बैठक का भी जिक्र किया और बताया कि बैठक में महाराष्ट्र के किसानों से सीधा संवाद करते हुए उन्हें यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है कि नुकसान के भुगतान की राशि किसानों तक सही रूप में पहुंचे। जो भी विसंगतियां हैं उन्हें दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट’ के जरिए राज्य सरकार नुकसान का आंकलन करेगी और उसके आधार पर प्रधानमंत्री किसान फसल बीमा योजना के अंतर्गत मुआवजा दिया जाएगा।

आगे केंद्रीय मंत्री ने कि जलवायु परिवर्तन के कारण असमय व अप्रत्याशित बारिश और सूखे की समस्या को भी उजागर किया और कहा कि इससे निपटने के लिए बीजों की ऐसी नई किस्में विकसित करने की जरूरत है जिसकी फसलें अधिक पानी में भी खराब ना है और सूखे की स्थिति का मुकाबला करने में भी सक्षम हो।

किसानों को सीधे मिलेगी सब्सिडी, सरकार करेगी डीबीटी प्रणाली लागू

शिवराज सिंह चौहान ने उर्वरक सब्सिडी पर भी चर्चा कि और कहा कि किसानों तक सब्सिडी का लाभ सीधे पहुंचे इसके लिए सब्सिडी की राशि सीधे किसानों के खाते में हस्तांतरित करने का भी विचार किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने गौ आधारित और प्राकृतिक खेती के महत्व को भी उल्लेखित किया और कहा कि अत्यधिक उर्वरक, कीटनाशक और रसायनिक खादों के प्रयोग से हमारी धरती नष्ट हो रही है। धरती की उत्पादकता घट रही है। इसलिए भावी पीढ़ी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हमें जैविक खेती के बारे में सोचना होगा।

आगे कृषि मंत्री ने किसानों से परंपरागत खेती के अलावा अन्य विकल्पों की ओर रुख करने का भी आह्वान किया। उन्होंने परंपरागत खेती के साथ-साथ फल, फूल, सब्जियों और कृषि वानिकी अपनाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि खेती के पैटर्न को बदलने की जरूरत है।

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बिचौलियों की भूमिका पर बात करते हुए कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि किसानों को उनके उत्पादन का उचित दाम मिले। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसके लिए दो उपाय अत्यधिक फायदेमंद साबित हो सकते हैं- पहला की पूरा गांव कल्स्टर के रूप में परिवर्तित होकर काम करें, व्यापारी सीधे यहां से खरीद कर लें और दूसरा गांव स्तर पर ही प्रोसेसिंग का काम किया जाए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह खाद्य प्रसंस्करण के लिए केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री चिराग पासवान के साथ मिलकर काम करेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने जल संचय को लेकर भी सरकार की सक्रियता से किसानों को अवगत करवाया उन्होंने किसानों से कहा कि हाल ही में लिए निर्णय के बाद यह तय किया गया है कि सूखाग्रस्त ब्लॉकों में मनरेगा की 65 प्रतिशत धनराशि का प्रयोग जल संरक्षण गतिविधियों पर खर्च किया जाएगा। मंत्री चौहान ने एकीकृत खेती को लेकर भी किसानों से चर्चा की उन्होंने कहा कि खेती के साथ-साथ मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन, पशुपालन जैसे विकल्प भी अपनाने होंगे। जोत के आकार छोटे होने के कारण इस तरह के विकल्प आमदनी में इजाफा करने में मददगार सिद्ध हो सकते हैं।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का भी जिक्र किया और कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में अब-तक 30 लाख मकान महाराष्ट्र को दिए जा चुके हैं। मंत्री चौहान ने कहा कि नए सर्वे के बाद और जो लोग भी मकान के लिए पात्र होंगे उनके मकानों के लिए भी केंद्र सरकार द्वारा राशि जारी की जाएगी।

बजट सत्र में आएगा नया बिल

केंद्रीय मंत्री ने नकली कीटनाशकों और उर्वरक बनाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले पर अत्यधिक गंभीर है। आगामी बजट सत्र में नकली खाद, बीज और कीटनाशक बनाने वालों के खिलाफ बिल लाया जाएगा। अंत में सभी का फिर से अभिनंदन करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पर सभी किसान भाई-बहनों और देशवासियों को बधाई भी दी।

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