राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

मुआवजे से असंतुष्ट है किसान

खरपतवारनाशक से फसल जलने का मामला

08 अगस्त 2020, खंडवा। मुआवजे से असंतुष्ट है किसान गत दिनों खंडवा जिले के हरसूद विकासखंड के ग्राम बरुड़ और निशानियां गांव में किसानों द्वारा एक कम्पनी की खरपतवारनाशक का प्रयोग किए जाने से फसल जलने का मामला प्रकाश में आया था जिसे कृषक जगत ने गत 6 जुलाई के अंक में खरपतवारनाशक से जली फसल की क्षतिपूर्ति करेगी कम्पनी शीर्षक से प्रकाशित किया था. जिसमें संबंधित कम्पनी द्वारा प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति राशि देने के लिए सहमत होने का उल्लेख किया गया था. प्रभावित किसानों ने नुकसान की क्षतिपूर्ति राशि को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

इस मामले में कृषक जगत को कुछ प्रभावित किसानों ने बताया कि कुछ किसानों को क्षतिपूर्ति राशि मिल गई है, तो कुछ को अभी भी इंतजार है। कहीं कम्पनी की वादाखिलाफी भी सामने आई है, तो कहीं मुआवजे में समान मापदंड नहीं अपनाया है. इससे असंतुष्ट किसान उपभोक्ता फोरम अथवा कोर्ट में मामला ले जाने की बात कह रहे हैं. निशानियां के किसान श्री राजेश पटेल ने कहा कि उन्होंने 50 एकड़ में बोई गई सोयाबीन की फसल में मैक्स खरपतवारनाशक का छिड़काव किया था, जिससे पूरी फसल जल गई थी।

शिकायत के बाद कम्पनी डीलर ने करीब 20 किसानों में से हमारे समूह के संयुक्त 8 किसानों को साढ़े छ: लाख रु. क्षतिपूर्ति देने की बात कही थी. लेकिन साढ़े चार लाख रु. ही दिए. बाकी 4 को नहीं दिया. अधिकारी थोड़ा इंतजार करने को कह रहे हैं, देखते हैं क्या होता है, अन्यथा उपभोक्ता फोरम और कोर्ट में मामला ले जाएंगे. इसी तरह इसी गांव के श्री गोविन्द बुंदेला की 35 एकड़ में लगाई सोयाबीन की फसल भी मैक्स खरपतवार नाशक के प्रयोग से खराब हो गई थी. श्री बुंदेला ने कहा कि 4 -5 किसानों को 4500 रु/एकड़ की दर से मुआवजा दिया है. शेष का बाकी है .कम्पनी वालों का इंतजार कर रहे हैं, नहीं तो केस लगाएंगे, क्योंकि दुबारा सोयाबीन बोने के लिए 9560 किस्म का बीज 6 हजार रु. क्विंटल में हरदा से खरीदना पड़ा. जबकि इसी गांव के श्री गोपीचंद ने कहा कि कम्पनी से समझौता हो गया है.जिनका नुकसान हुआ है, उन्हें कम्पनी मुआवजा देगी।

कम्पनी ने दूसरी बार की गई बोनी का खर्च दे दिया है. वहीं बरुड़ के प्रभावित किसान श्री उमेश मुकाती को कम्पनी ने 5 एकड़ में लगाई सोयाबीन की फसल के नुकसान की भरपाई के लिए 5 हजार एकड़ का मुआवजा 25 हजार रु. दिया है. जबकि दूसरी ओर नर्मदा कृषि सेवा केंद्र, छनेरा के मैक्स डीलर श्री उमेश यादव ने कुछ किसानों की शिकायत आने को स्वीकार करते हुए कहा कि कम्पनी द्वारा कुछ किसानों को मुआवजा दिए जाने की मुझे कोई जानकारी नहीं है.जबकि दूसरी ओर इस कम्पनी के (स्पेशल प्रोडक्ट) अधिकारी श्री सुधीर कुमार , दिल्ली ने इस विषय पर कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।

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इस बारे में श्री आर.एस. गुप्ता , उप संचालक कृषि, खंडवा ने कृषक जगत को बताया कि प्रभावित किसानों ने संबंधित कम्पनी से चर्चा के बाद क्षतिपूर्ति राशि को लेकर लिखित में कुछ किसानों ने संतोष व्यक्त किया है. किसानों को कितनी राशि का भुगतान किया गया यह नहीं बता सकता, क्योंकि किसानों और कम्पनी के बीच आपस में चर्चा कर मामले को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं.

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