इस वर्ष खरीफ रकबे में कमी की संभावना

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(नई दिल्ली कार्यालय)

22 सितम्बर 2021, नई दिल्ली।  इस वर्ष खरीफ रकबे में कमी की संभावना – चालू खरीफ वर्ष में लगभग 9 लाख हेक्टेयर रकबा कम रहने की संभावना है। अब तक 1105 लाख 18 हजार हेक्टेयर रकबा कवर दिया गया है जबकि गत वर्ष 1114 लाख 48 हजार हेक्टेयर रकबा कवर हुआ था। हालांकि धान, दलहन के क्षेत्र में वृद्धि हुई है परन्तु मोटे अनाज तिलहनी एवं कपास जैसी फसलों की बुवाई में कमी आई है।

कृषि मंत्रालय के मुताबिक अब तक (18 सितम्बर) देश में धान की बुवाई गत वर्ष की तुलना में लगभग 1 लाख हेक्टेयर बढक़र 414.18 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हो गयी है जो कि पिछले वर्ष इसी अवधि में 413.34 लाख हेक्टेयर में हुई थी। वहीं दलहन की बुवाई गत वर्ष की तुलना में लगभग 2.83 लाख हेक्टेयर बढक़र 140.72 लाख हेक्टेयर में हो गई है जो गत वर्ष इस समय तक 137.89 लाख हेक्टेयर थी। इसमें अरहर की बुवाई 50.02 लाख हेक्टेयर में हुई है जो गत वर्ष अब तक 48.18 लाख हेक्टेयर में हुई थी।

मोटे अनाज की बुवाई लगभग 174.70 लाख हेक्टेयर में हुई है जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 178.83 लाख हेक्टेयर में हुई थी। वहीं तिलहन के लिए लगभग 193.95 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवरेज हुआ है जो कि पिछले वर्ष इसी अवधि में 196.45 लाख हेक्टेयर था। इसमें सोयाबीन का रकबा बढ़ा है अब तक 121.77 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन बोई गई है जो गत वर्ष 121.20 लाख हेक्टेयर थी। इसी प्रकार अब तक गन्ना 54.97 लाख हेक्टेयर में बोया गया है जबकि गत वर्ष इस अवधि में 54.08 लाख हेक्टेयर में इसकी बोनी हुई थी। जूट एवं मेस्ता की बोनी 7 लाख हेक्टेयर में हुई है जबकि गत वर्ष अब तक 6.92 लाख हेक्टेयर में हुई थी।

वहीं कपास की बुवाई अब तक 119.66 लाख हेक्टेयर में हुई है जो कि पिछले वर्ष इसी अवधि में 126.97 लाख हेक्टेयर में हुई थी।

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