राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

राज्यसभा में MSP पर चर्चा: 50% मुनाफे के साथ एमएसपी तय करने की प्रक्रिया शुरू

07 दिसंबर 2024, नई दिल्ली: राज्यसभा में MSP पर चर्चा: 50% मुनाफे के साथ एमएसपी तय करने की प्रक्रिया शुरू – राज्यसभा में शुक्रवार को केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी, किसानों की उपज की सरकारी खरीद और सब्सिडी के साथ खाद उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। श्री चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार ने फसलों की एमएसपी तय करने और उसे खरीदने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।

एमएसपी में बढ़ोतरी और सरकारी खरीद पर जोर

कृषि मंत्री ने संसद में स्पष्ट किया कि सरकार फसलों की लागत पर 50 प्रतिशत से अधिक का लाभ जोड़कर एमएसपी तय कर रही है और इसे जारी रखेगी। उन्होंने कहा, “हम किसानों की उपज न केवल खरीदेंगे, बल्कि उनकी मेहनत का उचित मूल्य भी देंगे।”

श्री चौहान ने 2019 में केंद्र सरकार द्वारा एम.एस. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 50 प्रतिशत मुनाफे के साथ एमएसपी की दरें तय की जा रही हैं, जिससे किसानों को फसल का लाभकारी मूल्य मिल सके।

राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को नया नाम “किसानों के लाड़ले” दिया है। शिवराज सिंह चौहान राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान कृषि संबंधी सवालों के जवाब दे रहे थे, इसी दौरान सभापति श्री धनखड़ ने कहा कि “जिस आदमी की पहचान देश में लाड़ली बहनों के भैया के नाम से है, अब वो किसान का लाड़ला भाई भी होगा, मैं पूरी तरह आशावान हूं कि ऊर्जावान मंत्री अपने नाम ‘शिवराज’ के अनुरूप ये करके दिखाएंगे।“ सभापति और उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने कहा कि “आज से मैंने आपका नामकरण कर दिया- किसानों के लाड़ले।“

कृषि बजट में बढ़ोतरी और प्राथमिकताएं

श्री चौहान ने बताया कि कृषि क्षेत्र के लिए बजट आवंटन में भारी वृद्धि की गई है। 2013-14 तक यह केवल 21,900 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 1,22,528 करोड़ रुपये हो गया है। सरकार ने छह प्राथमिकताएं तय की हैं:

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  1. उत्पादन में वृद्धि: किसानों को नई तकनीक और संसाधनों से जोड़ा जाएगा।
  2. उत्पादन लागत में कमी: किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार प्रयासरत है।
  3. उचित मूल्य निर्धारण: फसलों के उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए नीतियां बनाई जा रही हैं।
  4. फसल बीमा: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से फसल नुकसान की भरपाई होगी।
  5. कृषि का विविधीकरण: किसानों को नई फसलों और तकनीकों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
  6. प्राकृतिक खेती: जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि की जाएगी।

श्री चौहान ने बताया कि किसानों को सस्ते दर पर खाद उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने 1,94,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है। उन्होंने कहा, “2100 रुपये की यूरिया की एक बोरी पर भारी सब्सिडी देकर किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराया जा रहा है।”

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श्री चौहान ने केमिकल फर्टिलाइजर के अंधाधुंध उपयोग से होने वाले नुकसान पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जैविक और प्राकृतिक खेती की ओर किसानों को प्रेरित करने के लिए सरकार जागरूकता अभियान चला रही है।

किसानों को भरोसा दिलाते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ किसानों की जरूरतें पूरी करेगी। एमएसपी से लेकर खाद तक, हर क्षेत्र में किसानों को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।

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