राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

रबी सीजन से 100 जिलों में लागू होगी ‘धन-धान्य योजना’, शिवराज सिंह ने बताया कैसे बदलेगी किसानों की किस्मत

17 जुलाई 2025, नई दिल्ली: रबी सीजन से 100 जिलों में लागू होगी ‘धन-धान्य योजना’, शिवराज सिंह ने बताया कैसे बदलेगी किसानों की किस्मत – केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना को कैबिनेट से मिली मंजूरी पर मीडिया से बातचीत करते हुए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह योजना किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी और खेती को ज्यादा फायदेमंद बनाने का काम करेगी। इस योजना के तहत देश के 100 जिलों को चुना जाएगा और वहां खेती से जुड़ी हर जरूरत पर ध्यान दिया जाएगा।

कम उत्पादकता वाले जिलों पर रहेगा फोकस

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भले ही भारत में गेहूं, चावल, फल, दूध और सब्जियों का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर है, लेकिन राज्यों और जिलों के बीच उत्पादकता में भारी अंतर है। कुछ जिले ऐसे हैं जहां उत्पादकता काफी कम है या जहां किसानों को लोन तक की सही सुविधा नहीं मिल पा रही है। ऐसे जिलों की पहचान कर ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना’ के तहत वहां केंद्र और राज्य सरकार की तमाम योजनाओं को मिलाकर लागू किया जाएगा।

एक साथ 11 विभागों की योजनाओं का होगा कन्वर्जन

श्री चौहान ने बताया कि इस योजना में 11 विभागों की योजनाओं को कन्वर्जन कर कार्यान्वित किया जाएगा। केवल केंद्र सरकार ही नहीं बल्कि राज्य सरकारों की योजनाएं भी इसमें जोड़ी जाएंगी। इसके अलावा यदि कोई प्राइवेट संगठन या अन्य संस्थान सहयोग करना चाहता है, तो उसका भी स्वागत होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर राज्य से कम से कम एक जिला इस योजना में शामिल होगा और कुल 100 जिलों में योजना लागू होगी।

जुलाई में तय होंगे जिले और नोडल अधिकारी

मंत्री ने कहा कि जुलाई महीने में उन जिलों और संबंधित नोडल अधिकारियों की पहचान कर ली जाएगी जो इस योजना के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार होंगे। अगस्त में उन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। अक्टूबर में रबी सीजन से योजना को जमीन पर उतार दिया जाएगा।

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पंचायत और जिला स्तर तक बनेगी समितियां

योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए हर जिले में ‘धन-धान्य समिति’ का गठन होगा। इसमें जिला कलेक्टर, विभागीय अधिकारी, प्रगतिशील किसान और पंचायत प्रतिनिधि शामिल होंगे। राज्य स्तर पर भी एक समिति बनेगी जो योजनाओं का सही अभिसरण सुनिश्चित करेगी। केंद्रीय स्तर पर दो कमेटियां रहेंगी— एक मंत्रियों की और दूसरी सचिव स्तर की।

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नीति आयोग करेगा प्रगति की निगरानी

योजना में प्रगति को ट्रैक करने के लिए नीति आयोग डैशबोर्ड बनाएगा, जहां नियमित अपडेट और मॉनिटरिंग की जाएगी। हर जिले में तय मानकों के आधार पर खेती के हर पहलू की प्रगति देखी जाएगी। नीति आयोग दिशा-निर्देश भी देगा और जरूरत के मुताबिक सुधार भी सुझाएगा।

किसानों के लिए खुलेगा नई संभावनाओं का रास्ता

केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत सिर्फ खेती ही नहीं बल्कि पशुपालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन, फल उत्पादन और कृषि वानिकी पर भी जोर दिया जाएगा। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और कम उत्पादकता वाले जिले भी आत्मनिर्भर बन पाएंगे।

अक्टूबर से शुरू होगी योजना, किसानों की किस्मत बदलने का भरोसा

श्री शिवराज सिंह चौहान ने भरोसा जताया कि यह योजना किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। रबी सीजन से जब योजना का क्रियान्वयन शुरू होगा, तो इसका असर सीधे किसानों की आमदनी, उत्पादन क्षमता और जीवन स्तर पर दिखेगा। मंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य सिर्फ नेशनल एवरेज नहीं बढ़ाना है बल्कि किसानों को उनकी जमीन से ज्यादा फायदा दिलाना है।”

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