देश की सबसे बड़ी आवश्यकता ‘उन्नत बीज’ विकसित करना

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उन्नत बीज विकसित करना देश की सबसे बड़ी आवश्यकता : श्री तोमर

केन्द्रीय कृषि मंत्री से कृषक जगत की चर्चा

(निमिष गंगराड़े)

15, जून 2020, नई दिल्ली। देश में लॉकडाउन के दौरान खेती किसानी को सुचारू रूप से चलाने तथा किसानों की सहायता के लिए केन्द्र सरकार ने समग्र प्रयास किये हैं। जब सब कुछ थम गया था तब केवल किसान ही अपने खेतों में काम कर रहा था क्योंकि खेती के कार्य के लिए सरकार ने छूट दी थी। फसल कटाई से लेकर खरीदी करने के बाद अब खरीफ की तैयारी चल रही है। समर्थन मूल्य घोषित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही किसान को फसल बेचने की आजादी, फसल बीमा की आजादी नए अध्यादेश लाए गए हैं जो किसान को राहत देंगे। इसके साथ ही खेती के सबसे महत्वपूर्ण घटक बीज की गुणवत्ता में सुधार तथा उन्नत बीज विकसित करना आज देश की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस दिशा में भी तेजी से कार्य चल रहा है। यह बात केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कृषक जगत से बातचीत में कही।

श्री तोमर ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान रबी फसल खेतों में तैयार खड़ी थी तब हार्वेस्टर, अन्य कृषि मशीनरी सहित कृषकों को खेतों में आने-जाने की इजाजत दी जिससे समय पर कटाई तथा गेहूं खरीदी हो सकी।

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के लिए खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य में पर्याप्त वृद्धि की गई है। उन्होंने बताया कि एमएसपी औसत उत्पादन लागत के 1.5 गुना के स्तर पर निर्धारित करने की घोषणा और किसानों के पारिश्रमिक लागत के अनुरूप है। इसमें 83 फीसदी तक अधिकतम वृद्धि की गई है।

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि कृषि में अनेक चुनौतियां हैं, जिसका सामना देश में किसान और सरकार को मिल कर करना है। उन्होंने बताया कि बीज जैसे सबसे महत्वपूर्ण घटक की उन्नत किस्में, बेहतर अनुसंधान तथा बीज गुणवत्ता के द्वारा ही हम 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने के संकल्प को पूरा कर सकते हैं।

श्री तोमर ने बताया कि हाल ही में नए अध्यादेश लाने से किसान को अपनी उपज बेचने का बेहतर विकल्प मिल गया है। अब वह ‘एक देश एक बाजार’ के तहत देश में कहीं भी अपनी उपज बेच सकेंगे। इसके लिए उत्पादन व्यापार एवं वाणिज्य अध्यादेश 2020 लाया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों की आय में वृद्धि तथा खुशहाली के लिए लॉकडाउन के दौरान गत 24 मार्च से अब तक पीएम सम्मान निधि योजना के तहत लगभग 8 करोड़ 89 लाख किसान परिवारों को 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि जारी की गई है।

श्री तोमर ने बताया कि प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना पूर्व में ही ऋणी एवं अऋणी कृषकों के लिए स्वैच्छिक की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि अन्य कई कृषक हितैषी योजनाएं किसानों के कल्याण के लिए लाई गई है। इसमें किसान क्रेडिट कार्ड, मत्स्य संपदा योजना, हर्बल खेती की प्रोत्साहन एवं मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने जैसे कारगर कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान किसानों की सुविधा के लिए 3 लाख रुपए तक अल्पकालीन कृषि ऋण चुकाने की समय सीमा भी 31 अगस्त तक बढ़ा दी गई है इससे किसानों को समय मिलेगा तथा लाभ होगा।

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