Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

ई-नाम मंडियों को प्रभावी बनाने के लिए नये सॉफ़्टवेयर लॉंच

फसल बेचने के लिए किसानों को मंडी नहीं आना पड़ेगा
कोरोना वायरस संकट में किसानों, व्यापारियों , एफ़पीओ को होगी सहूलियत


नई दिल्ली, 2 अप्रैल। राष्ट्रीयकृषिबाजार(ई-नाम) मंडियों की प्रभावशीलता बढाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिहं तोमर ने गुरूवार को तीन नई सुविधाएं लाचं की। इससे किसानों को अपनी फ़सल बेचने के लिए ख़ुद थोक मंडियों में आने की जरूरत कम हो जाएगी। वे उपज वेयरहाउस में रखकर वहीं से बेच सकेंगे। कोरोना वाय़रस के सक्रंमण के इस दौर में इसकी महत्वपूर्ण आवश्यकता है। साथ ही एफपीओ अपने सग्रंह से उत्पाद को लाए बिना व्यापार कर सकते है और लॉजिस्टिक मॉडल का नया संस्करण जिससे पौने चार लाख ट्रक जुड़े रहेंगे ।
केंद्रीय मंत्री श्री तोमर द्वारा लांच किए गए तीन स़ॉफ्टवेयर म़ॉड्यूल हैं

(i) ई-नाम में गोदामों से व्यापार की सुविधा के लिए वेयरहाउस आधारित रेटिंग म़ॉडयूल

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

(ii) एफपीओ का रेटिंग म़ॉडयूल , जहां एफपीओ अपने सग्रंह से उत्पाद को लाए बिना व्यापार कर सकते। हैं

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

(iii) इस जंक्शन पर अतंर-मंडी तथा अंतरराज्यीय व्यापार की सुविधा के साथ लॉजिस्टिक मॉडल का नया संस्करण जिससे से पौने 4 लाख ट्रक जुड़े रहेंगे ।परिवहन के इस प्लैटफ़ॉर्म के माध्यम से उपयोगकरताओं तक कृषि उपज जल्द पहुंचाई जा सकेगी।

पहले से ही 16 राज्यों और 2 कें द्र शासित प्रदेशों में 585 मंडियों को e – NAM पोर्टल पर जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त 415 मंडियों को भी ई-नाम से जल्द ही जोड़ा जाएगा, जिससे इस पोर्टल पर मंडियों की कुल संख्या एक हजार हो जाएगी। ई-नाम पर इन सुविधाओं के कारण किसानों, व्यापारियों व अन्य को मंडियों का चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी।
अभी के दौर में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने के लिए सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए कामकाज करने में भी यह मददगार होगी।