कृषि को लाभदायक बनाने के लिए केंद्र-राज्यों की सरकारें सर्वोच्च प्राथमिकता दें : श्री नायडू

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महामारी वाले वर्ष में भी रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन के लिए किसानों की सराहना

5 अप्रैल 2021, नई दिल्ली । कृषि को लाभदायक बनाने के लिए केंद्र-राज्यों की सरकारें सर्वोच्च प्राथमिकता दें : श्री नायडू – उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने भारतीय किसानों की स्थिति में सुधार लाने और कृषि को लाभदायक बनाने के लिए कृषि क्षेत्र में बेहद आवश्यक सुधारों पर जोर दिया। उन्होंने किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के साथ बातचीत करके एक ऐसी प्रणाली तैयार करने की बात कही जो किसान समुदाय को ठोस परिणाम दे।

गांवों वापस लौटने वाले उद्यमशील युवाओं द्वारा कृषि में उन्नत तकनीकों को लाने के उदाहरणों पर खुशी व्यक्त करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह एक उत्साहजनक प्रवृत्ति है और इसे और तेज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि-उद्यमिता हमारे जनसांख्यिकीय लाभांश को हासिल करने और निरंतर रूप से रोजगार और लाभ कमाने का एक प्रभावी तरीका है।

श्री नायडू ने कृषि सुधार लाने के लिए केंद्र और राज्यों दोनों द्वारा सर्वोच्च प्राथमिकता और समन्वित कार्रवाई के साथ टीम इंडिया की भावना से काम करने की सलाह दी।

श्री नायडू ने यह भी सुझाव दिया कि 4 पी – पार्लियामेंट, पॉलिटिकल लीडर्स, पॉलिसी मेकर्स और प्रेस (संसद, राजनीतिक नेता, नीति निर्माता और प्रेस) को कृषि के प्रति सकारात्मक पूर्वाग्रह अपनाना चाहिए। वास्तव में, कृषि को लाभदायक बनाने में एक क्रांतिकारी बदलाव समय की आवश्यकता है। हमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि विकास स्थिर और टिकाऊ हो।

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव, डॉ. मोहन कांडा द्वारा लिखित, एग्रीकल्चर इन इंडिया कंटेम्परेरी चैलेंजेस – इन कॉन्टेक्स्ट ऑफ डबलिंग फार्मर्स इनकम का विमोचन करते हुए, उपराष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि जो समस्याएं भारतीय किसानों को उनकी पूरी क्षमता का अहसास कराने से दूर कर रही हैं, उन्हें पहचाना जाए। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसके बिना काम नहीं चल सकता।

यह सुझाव देते हुए कि केंद्र और राज्यों को किसानों की मदद करनी चाहिए, उन्होंने सरकारों को कर्जमाफी से परे सोचने की सलाह दी। श्री नायडू ने कहा कि किसानों को समय पर किफायती ऋण के साथ-साथ बिजली, गोदाम, विपणन आदि की बुनियादी सुविधाएं दिए जाने की जरूरत है। उपराष्ट्रपति ने कोविड-19 महामारी के दौरान भी रिकॉर्ड खाद्यान्न और बागवानी उत्पादन की उपलब्धि हासिल करने के लिए किसानों की सराहना की।

फसल विविधीकरण के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए, श्री नायडू ने कहा कि देश में खपत पैटर्न में बदलाव आया है। पोषण के लिए अनाज पर निर्भरता कम हुई है और प्रोटीन की खपत बढ़ी है। इस संबंध में, उन्होंने किसानों को कम पानी और बिजली का उपयोग करने वाली फसलों को उगाने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।

भारत सरकार के पूर्व गृह सचिव श्री पद्मनाभ, तेलंगाना राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री बी. विनोद कुमार, डॉ. मोहन कांडा, सेंटर फॉर गुड गर्वनेंस के निदेशक प्रो. देवी प्रसाद जुव्वदी, बीएसपी बुक्स प्राइवेट लि. के निदेशक श्री अनिल शाह और अन्य इस कार्यक्रम में मौजूद थे।

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