राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

इंदौर में BRICS कृषि मंत्रियों का सम्मेलन शुरू, शिवराज बोले- छोटे किसानों को सशक्त बनाना ही खाद्य सुरक्षा की कुंजी

12 जून 2026, नई दिल्ली: इंदौर में BRICS कृषि मंत्रियों का सम्मेलन शुरू, शिवराज बोले- छोटे किसानों को सशक्त बनाना ही खाद्य सुरक्षा की कुंजी – मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी और देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल इंदौर में शुक्रवार को ब्रिक्स (BRICS) देशों के कृषि मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन में कृषि, खाद्य सुरक्षा, सतत विकास और छोटे किसानों की चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जा रही है। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत की कृषि उपलब्धियों, वैश्विक सहयोग और किसानों के सशक्तिकरण को लेकर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर भी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय परंपरा “अतिथि देवो भवः” का उल्लेख करते हुए सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया और कहा कि भारत हमेशा वैश्विक शांति, सहयोग और साझेदारी आधारित विकास का समर्थक रहा है।

“युद्ध नहीं, शांति और समन्वय” भारत का संदेश

अपने संबोधन में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना के साथ दुनिया को एक परिवार मानकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का दृष्टिकोण “युद्ध नहीं, शांति; संघर्ष नहीं, समन्वय” पर आधारित है और यही सोच वैश्विक कृषि सहयोग के लिए भी मार्गदर्शक सिद्धांत बन सकती है।

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव और बाजार की अनिश्चितता जैसी चुनौतियों का समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। इसके लिए BRICS देशों के बीच सहयोग और अनुभवों का आदान-प्रदान बेहद महत्वपूर्ण है।

छोटे किसानों को मजबूत करना जरूरी

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि दुनिया की खाद्य सुरक्षा का आधार छोटे और सीमांत किसान हैं। यदि इन्हें सशक्त बनाया जाए तो वैश्विक खाद्य सुरक्षा स्वतः मजबूत होगी।

उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 87 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत वर्ग में आते हैं। इन्हें तकनीक, वित्तीय सहायता, आधुनिक कृषि संसाधनों और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है।

कृषि क्षेत्र में भारत की उपलब्धियां

शिवराज सिंह चौहान ने भारत की कृषि प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले एक दशक में कृषि क्षेत्र में औसतन 4.5 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन लगभग 376 मिलियन टन तक पहुंच गया है। वहीं गेहूं उत्पादन करीब 118 मिलियन टन, बागवानी उत्पादन 378 मिलियन टन से अधिक और मत्स्य उत्पादन 19 मिलियन टन से ज्यादा हो चुका है। उन्होंने इन उपलब्धियों का श्रेय किसानों की मेहनत और सरकार की किसान हितैषी नीतियों को दिया।

किसानों के लिए योजनाओं का उल्लेख

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का कृषि क्षेत्र देश के लगभग 43 प्रतिशत कार्यबल को रोजगार देता है। किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने के लिए सरकार उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाएं, नई तकनीक और विभिन्न सहायता योजनाओं के माध्यम से काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत करोड़ों किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके अलावा किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा जैसी योजनाएं किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही हैं।

प्राकृतिक खेती और “खेत बचाओ अभियान” पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग और मिट्टी के स्वास्थ्य का संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने देशभर में चलाए जा रहे “खेत बचाओ अभियान” का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से किसानों तक वैज्ञानिक जानकारी और कृषि संबंधी सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती और जैविक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होगा और कृषि अधिक टिकाऊ बन सकेगी।

कृषि में महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भूमिका

केंद्रीय मंत्री ने कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाखों महिलाएं कृषि और उससे जुड़े व्यवसायों में नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। “ड्रोन दीदी” जैसी पहलें ग्रामीण भारत में तकनीकी बदलाव का नया उदाहरण बन रही हैं।

युवाओं को कृषि क्षेत्र का भविष्य बताते हुए उन्होंने कहा कि स्टार्टअप, डिजिटल तकनीक और नवाचार के जरिए कृषि को अधिक आधुनिक और आकर्षक बनाया जा रहा है, जिससे युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

BRICS देशों से सहयोग की अपील

अपने संबोधन के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने BRICS देशों से छोटे किसानों को सशक्त बनाने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और सतत कृषि विकास के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन अनुभवों के आदान-प्रदान, तकनीकी सहयोग और नीतिगत साझेदारी के माध्यम से वैश्विक कृषि को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

दो दिवसीय यह सम्मेलन कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा के साथ-साथ सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।

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