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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

21वीं सदी की आधुनिक कृषि व्यवस्था की दिशा में एक नया अध्याय

पूरे देश में उड़े 100 किसान ड्रोन एक साथ

(नई दिल्ली कार्यालय)

19 फरवरी 2022,   “21वीं सदी की आधुनिक कृषि व्यवस्था की दिशा में एक नया अध्याय” प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा के मानेसर में किसान ड्रोन सुविधाओं का आभासी रूप से उद्घाटन किया। पूरे देश में इस अवसर पर एक साथ 100 ड्रोन उड़े। असम से लेकर राजस्थान, गोवा और दक्षिण में तमिलनाडु, आंध्र, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश के नीमच आदि  क्षेत्रों में किसान ड्रोन का एक साथ सफलतापूर्वक संचालन  किया गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा अगर नीतियां सही हों तो देश कितनी ऊंची उड़ान भर सकता है आज का दिवस इसका बड़ा उदाहरण है। कुछ साल पहले तक देश में जब ड्रोन का नाम लिया जाता था, तो लगता था कि ये सेना से जुड़ी हुई कोई व्यवस्था है। ये दुश्मनों से मुकाबला करने के लिए उपयोग में आने वाली चीजें हैं। उसी दायरे में सोचा जाता था। लेकिन आज हम मानेसर में किसान ड्रोन सुविधाओं का उद्घाटन कर रहे हैं।

दो वर्ष में एक लाख ड्रोन बनेंगे

ये 21वीं सदी की आधुनिक कृषि व्यवस्था की दिशा में एक नया अध्याय है। उन्होंने  विश्वास व्यक्त किया की ये शुरूआत न केवल ड्रोन सेक्टर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी बल्कि इसमें संभावनाओं का एक अनंत आकाश भी खुलेगा। ये शतक ड्रोन उड़ान  गरुड़ एयरोस्पेस द्वारा आयोजित की गयी थी। कंपनी ने अगले दो वर्षों में एक लाख मेड इन इंडिया ड्रोन बनाने का लक्ष्य रखा है। स्वामित्व योजना के तहत गांव में ड्रोन के जरिये जमीन का, घरों का हिसाब-किताब तैयार हो रहा है। कई जगह खेतों में दवाओं का छिड़काव भी ड्रोन से शुरू हो गया है। किसान ड्रोन अब इस दिशा में एक क्रांति की शुरूआत है।

फल-फूल ड्रोन से जाएंगे बाजार

श्री मोदी ने सम्भावना जताई की कि आने वाले समय में हाई कैपेसीटी ड्रोन की मदद से किसान अपने खेतों से ताजी सब्जियां, फल, फूल बाजार भेज सकते हैं। मछली पालन से जुड़े लोग तालाब, नदी और समंदर से सीधे ताजी मछलियां बाजार भेज सकते हैं। कम समय में किसानों को सामान बाजार पहुंचेगा तो किसान भाईयों की आय भी बढ़ेगी।

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