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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

देश में किसानों को 22 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित – श्री तोमर

टिकाऊ खेती के लिए मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन पर राष्ट्रीय सम्मेलन

06 दिसम्बर 2022, नई दिल्ली: देश में किसानों को 22 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित – श्री तोमर – टिकाऊ खेती के लिए मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन पर राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। इस मौके पर श्री तोमर ने कहा कि रासायनिक खेती व अन्य कारणों से मिट्टी की उर्वरा शक्ति का क्षरण हो रहा है, जलवायु परिवर्तन का दौर भी है, ये परिस्थितियां देश के साथ ही दुनिया को चिंतित करने वाली है।

आजादी के अमृत महोत्सव व विश्व मृदा दिवस के उपलक्ष में नीति आयोग द्वारा फेडरल मिनिस्ट्री फार इकानामिक कोआपरेशन एंड डेवलपमेंट (बीएमजेड), जर्मनी से सम्बद्ध जीआईजेड के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि श्री तोमर ने कहा कि मिट्टी में जैविक कार्बन की कमी होना हम सबके लिए बहुत गंभीर बात है। बेहतर मृदा स्वास्थ्य की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए हमें प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना होगा, जो पर्यावरणीय दृष्टि से उपयुक्त है। इसके लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत सरकार, राज्यों के सहयोग से तेजी से काम कर रही है।
श्री तोमर ने बताया कि भारत सरकार मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से भी काम कर रही है। दो चरणों में 22 करोड़ से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड देशभर में किसानों को वितरित किए गए हैं। मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना के तहत सरकार द्वारा अवसंरचना विकास भी किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न प्रकार की मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करने का प्रावधान है। अब तक 499 स्थायी मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं, 113 मोबाइल मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं, 8811 मिनी मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं और 2395 ग्रामस्तरीय सॉइल टेस्टिंग प्रयोगशालाएं स्थापित की गई है।
सरकार ने भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति खेती को फिर से अपनाया है। ये विधा हमारी पुरातनकालीन है, हम प्रकृति के साथ तालमेल करने वाले लोग रहे हैं। आंध्र प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु आदि राज्यों ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अनेक नवाचार किए है। बीते सालभर में 17 राज्यों में 4.78 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र प्राकृतिक खेती के अंतर्गत लाया गया है।

सम्मेलन में नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री सुमन बेरी, सदस्य प्रो. रमेश चंद, सीईओ श्री परमेश्वरन अय्यर, वरिष्ठ सलाहकार सुश्री नीलम पटेल, केंद्रीय कृषि वि.वि. झांसी के कुलपति डा. ए.के. सिंह तथा श्री ड्रिक स्टेफिस सहित अनेक वैज्ञानिक, नीति निर्माता व अन्य हितधारक उपस्थित थे। 

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