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2025 बना भारतीय ट्रैक्टर उद्योग के लिए ऐतिहासिक साल, घरेलू बिक्री 10 लाख के पार, एक्सपोर्ट भी 1 लाख से ज्यादा

12 जनवरी 2026, नई दिल्ली: 2025 बना भारतीय ट्रैक्टर उद्योग के लिए ऐतिहासिक साल, घरेलू बिक्री 10 लाख के पार, एक्सपोर्ट भी 1 लाख से ज्यादा – साल 2025 भारतीय ट्रैक्टर उद्योग के लिए ऐतिहासिक रहा। पहली बार, एक कैलेंडर वर्ष में घरेलू ट्रैक्टर बिक्री 10 लाख यूनिट का आंकड़ा पार कर गई, जबकि निर्यात 1 लाख यूनिट से ऊपर पहुंच गया। ट्रैक्टर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (TMA) के अनुसार, 2025 में घरेलू ट्रैक्टर बिक्री 10.90 लाख यूनिट रही, जो 2024 में 9.10 लाख यूनिट के मुकाबले लगभग 20 प्रतिशत अधिक है। वहीं, एक्सपोर्ट 97,745 यूनिट से बढ़कर 1,05,006 यूनिट हो गया, जिसमें 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

बढ़ी बिक्री के प्रमुख कारण

इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार, 2025 में ट्रैक्टर बिक्री में यह उछाल अनुकूल मौसम, कम GST दरें, अच्छी खरीफ पैदावार और ग्रामीण बाजार में सुधार के कारण हुआ। दिसंबर 2025 में घरेलू बिक्री 35 प्रतिशत बढ़कर 69,890 यूनिट रही, जबकि दिसंबर 2024 में यह 50,993 यूनिट थी। इसी तरह, एक्सपोर्ट 22 प्रतिशत बढ़कर 9,815 यूनिट हुआ, जो पिछले वर्ष 8,074 यूनिट था। एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने बताया कि सरकारी सहायक नीतियों और राज्य सब्सिडी से किसानों के लिए ट्रैक्टर खरीदना अधिक आसान हो गया, जिससे रिटेल डिमांड में वृद्धि हुई।

कैश फ्लो और ग्रामीण माहौल में सुधार

महिंद्रा एंड महिंद्रा के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस के प्रेसिडेंट विजय नाकरा ने कहा कि खरीफ की अच्छी फसल पैदावार के कारण बाजार में कैश फ्लो की उपलब्धता में सुधार हुआ। अनुकूल मौसम और जलाशयों के बेहतर स्तरों ने रबी की बुवाई को भी बढ़ावा दिया। CNH इंडिया के प्रेसिडेंट नरिंदर मित्तल ने बताया कि त्योहारों के दौरान हुई खरीदारी के बाद सीजनल मंदी स्वाभाविक है और इसका अर्थ स्ट्रक्चरल कमजोरी नहीं है।

GST और सहायक नीतियों का असर

इस साल ट्रैक्टर पर GST में कमी और राज्य स्तर की सब्सिडी ने खरीदारी की क्षमता बढ़ाई। क्रिसिल रेटिंग्स की डायरेक्टर पूनम उपाध्याय ने कहा कि CY2025 में घरेलू वॉल्यूम ग्रोथ लगभग 20 प्रतिशत रही, जो बड़े पैमाने पर ग्रामीण रिकवरी का संकेत देती है। वहीं, एक्सपोर्ट में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में अच्छी मांग को दर्शाती है।

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