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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

पराली जलाने की घटनाओं पर ब्रेक लगाने के लिए तैयारी शुरू

21 सितम्बर 2024, नई दिल्ली: पराली जलाने की घटनाओं पर ब्रेक लगाने के लिए तैयारी शुरू – पंजाब सरकार ने धान कटाई का सीजन शुरू होने से पहले पराली जलाने की घटनाओं पर ब्रेक लगाने के लिए अभी से ही तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सबसे अधिक पराली जलाने वाले गावों को चिन्हित कर रही है।  कहा जा रहा है कि मोगा जिला प्रशासन ने 100 गांवों की पहचान की है, जहां पर पिछले साल सबसे अधिक पराली जलाने की घटनाएं सामने आई थीं।  प्रशासन को उम्मीद है कि इन गांवों में विशेष निगरानी और जागरूकता अभियान चलाने से खेतों में आग लगाने की घटनाओं में कमी आएगी।  इससे प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। 

 रिपोर्ट के मुताबिक, मोगा जिले में 2023 सीजन के दौरान 2,795 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई थीं।  जबकि, 2022 में जिले में 3,609 पराली जलाने की घटनाएं सामने आई थीं।  यानी जिले में साल 2022 के मुकाबले साल 2023 में पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है।  खास कर करनिहाल सिंह वाला उपमंडल के लोपोन गांव में सबसे अधिक 46 खेतों में आग जलाने की घटनाएं दर्ज की गई थीं, जबकि वांदर गांव में 45, हिम्मतपुरा और लंगेआना न्यान में क्रमशः 43, भलूर और सैदोके में भी पराली जलाने के  42-42 मामले दर्ज किए गए थे। इसके अलावा रोंटा में कुल 40, बुट्टर और दौधर शर्की में 39 और राउके कलां गांव में 38 खेतों में आग की घटनाएं दर्ज की गई थीं। 

मोगा के डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल ने कहा कि उन्होंने पराली जलाने की संभावना वाले गांवों की पहचान की है और इन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।  उन्होंने कहा कि पराली जलाने की किसी भी कोशिश पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।   उन्होंने कहा कि जिले में पर्याप्त कृषि मशीनरी उपलब्ध है और किसान सहायता के लिए कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं।  उन्होंने कहा कि पिछले साल जिन गांवों में खेतों में आग लगने की घटनाएं हुई थी, वहां कृषि मशीनरी की कोई कमी नहीं थी।  

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