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कृषि कंपनी समाचार (Industry News)

कच्छ में अनार की खेती ने बदल दी तस्वीर, नर्मदा के पानी ने दिखाया रास्ता

13 मार्च 2025, अहमदाबाद: कच्छ में अनार की खेती ने बदल दी तस्वीर, नर्मदा के पानी ने दिखाया रास्ता – कच्छ, जो कभी सूखे और बंजर इलाके के लिए मशहूर था, आज अनार की खेती के क्षेत्र में एक नई पहचान बना रहा है। नर्मदा नहर से बेहतर सिंचाई सुविधा मिलने के बाद इस इलाके ने गुजरात के अनार उत्पादन में अहम भूमिका निभानी शुरू कर दी है। गुजरात में अनार की खेती 43,500 हेक्टेयर में होती है, जिससे हर साल करीब 6.3 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होता है। इसमें से कच्छ और बनासकांठा जिले मिलकर लगभग 4.8 लाख मीट्रिक टन अनार का योगदान देते हैं।

हाल ही में, अनार किसानों को बढ़ावा देने के लिए यूपीएल लिमिटेड ने कच्छ के अंजार में एक ‘किसान मेला’ आयोजित किया। इस कार्यक्रम में कई कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ और 30 प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया। यहां अनार की खेती से जुड़े सर्वोत्तम तरीकों और चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई।

यूपीएल के प्रतिनिधि वरुण श्रॉफ ने सीधे किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याओं तथा उत्पादकता बढ़ाने के संभावित तरीकों पर विचार-विमर्श किया। किसानों ने अपनी फसलों का प्रदर्शन किया और इस साल अच्छी पैदावार की जानकारी दी। वहीं, विशेषज्ञों ने फसल प्रबंधन को बेहतर बनाने और खेती में आने वाली दिक्कतों से निपटने के लिए किसानों को जरूरी टिप्स दिए।

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इस मौके पर शीर्ष पांच अनार उत्पादक किसानों को सम्मानित भी किया गया। किसानों ने इस पहल की खूब सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन न सिर्फ उत्पादन बढ़ाने में मददगार होते हैं, बल्कि फसल की गुणवत्ता सुधारने में भी कारगर साबित होते हैं। कई किसानों ने अनार जैसी मूल्यवान फसलों के लिए इस तरह के ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों को और बार-बार आयोजित करने की मांग की।

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