आईटीसी का पौध-आधारित प्रोटीन बाजार में प्रवेश

Share

7 जनवरी 2022, मुंबई । आईटीसी का ‘पौध-आधारित प्रोटीन बाजार में प्रवेश – 2021 के अंत में उभरते  भारतीय ‘पौध-आधारित प्रोटीन   परिदृश्य में बड़ी प्रगति करने के बाद, पहली बड़ी भारतीय एफएमसीजी कंपनी ने बढ़ते क्षेत्र में प्रवेश करने की घोषणा की है। ITC Ltd एक लोकप्रिय भारतीय खाद्य निर्माता है और दुनिया भर के भारतीयों द्वारा दाल मखनी और पनीर टिक्का जैसे परंपरागत  खाद्य पदार्थों के पैकेज्ड रेडी-टू-ईट संस्करण पसंद किए जाते हैं। इसलिए प्लांट-बेस्ड क्षेत्र  में उनके प्रवेश का असर न केवल देश के भीतर बल्कि विशाल निर्यात बाजार पर भी पड़ेगा।

मुख्य विशेषताएं:

*आईटीसी लिमिटेड का फूड बिजनेस ‘पौध-आधारित प्रोटीन  युक्त बर्गर पैटीज और नगेट्स लॉन्च करेगा ।

*बड़े पैमाने पर यह कदम  दुनिया और देश  भर के लोगों के लिए  स्वादिष्ट, टिकाऊ प्रोटीन लाने के लिए है ।

* गुड फ़ूड इंस्टिट्यूट इंडिया के शोध से पता चलता है कि  63%  सामिष शहरी, संपन्न लोगों की आबादी नियमित रूप से पौधे आधारित प्रोटीन  खरीदती है।

गुड फूड इंस्टीट्यूट इंडिया (जीएफआई इंडिया) की  सलाह के मुताबिक आईटीसी लिमिटेड का खाद्य व्यवसाय देश के शीर्ष आठ शहरों में खुदरा, ई-कॉमर्स और खाद्य सेवा प्रतिष्ठानों के माध्यम से उपभोक्ताओं को चिकन का स्वाद देने के लिए पौध -आधारित बर्गर पैटी और नगेट्स लॉन्च करेगा.

गुड फूड इंस्टीट्यूट इंडिया के प्रबंध निदेशक वरुण देशपांडे ने कहा, “स्मार्ट प्रोटीन और पौधों पर आधारित प्रोटीन  इस  ग्रह और  सार्वजनिक स्वास्थ्य ,और आर्थिक विकास को संरेखित करने का एक विशिष्ट अवसर है।

आईटीसी लिमिटेड के डिवीजनल चीफ एक्जीक्यूटिव – फूड्स, हेमंत मलिक ने कहा, “भारत में प्लांट-आधारित प्रोटीन सेगमेंट में कोई प्रमुख अखिल भारतीय ब्रांड नहीं है। हमने यह सुनिश्चित करने के लिए कुछ वैश्विक भागीदारों के साथ काम किया है कि उत्पाद डिजाइन, गुणवत्ता और स्वाद में कोई समझौता न हो। हम भारत में अर्ली मूवर एडवांटेज का आनंद लेना चाहते हैं। चूंकि 72% भारतीय मांसाहारी हैं, प्रोटीन  का बाजार बहुत बड़ा है और [बाजार] आज लगभग 45 अरब डॉलर का है। स्वास्थ्य और स्थिरता के लिए बढ़ती चिंता को देखते हुए, भारत में पौधे आधारित विकल्पों के लिए एक प्रमुख बाजार के रूप में उभरने की क्षमता है।”

 

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.