कम्पनी समाचार (Industry News)

आईएफएफसीओ को वित्त वर्ष 2024-25 में ₹3,811 करोड़ का लाभ, नैनो उर्वरकों की बिक्री में 47% की वृद्धि

31 मई 2025, नई दिल्ली: आईएफएफसीओ को वित्त वर्ष 2024-25 में ₹3,811 करोड़ का लाभ, नैनो उर्वरकों की बिक्री में 47% की वृद्धि –  इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइज़र कोऑपरेटिव लिमिटेड (आईएफएफसीओ) ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ₹3,811 करोड़ का कर पूर्व लाभ दर्ज किया है। यह लगातार तीसरा वर्ष है जब आईएफएफसीओ ने ₹3,000 करोड़ से अधिक का लाभ अर्जित किया है। इस वर्ष नैनो उर्वरकों की बिक्री में भी पिछले वर्ष की तुलना में 47 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

आईएफएफसीओ ने 2024-25 में कुल 365.09 लाख नैनो उर्वरक की बोतलें बेचीं, जो पिछले वित्त वर्ष की 248.95 लाख बोतलों की तुलना में काफी अधिक है। इससे सहकारी संस्था का कुल कारोबार ₹41,244 करोड़ तक पहुंचा। नैनो यूरिया प्लस (तरल) की बिक्री 268 लाख बोतल रही, जबकि नैनो डीएपी (तरल) की बिक्री 97 लाख बोतल रही। यह क्रमशः 31 प्रतिशत और 118 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। बेचे गए उत्पादों की मात्रा पारंपरिक 12 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 4.85 लाख मीट्रिक टन डीएपी के बराबर है।

नए उत्पाद और तकनीकी एकीकरण

आईएफएफसीओ ने नैनो एनपीके उर्वरक (ग्रेन्युलर रूप में) और तरल रूप में नैनो जिंक व नैनो कॉपर जैसे नए उत्पाद लाने की घोषणा की है। नैनो एनपीके में मैग्नीशियम, सल्फर, जिंक और कॉपर जैसे पोषक तत्व शामिल होंगे, जो मिट्टी में मिलाए जाने के लिए तैयार किए गए हैं। प्रबंध निदेशक डॉ. यू. एस. अवस्थी के अनुसार, ये उर्वरक पारंपरिक रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता को कम करने में मदद करेंगे और पोषक तत्वों के कुशल प्रबंधन को बढ़ावा देंगे।

आईएफएफसीओ ड्रोन तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी अपनी कार्यप्रणाली में शामिल कर रहा है। किसानों के लिए 2.5 लाख से अधिक स्प्रेयर वितरित किए गए, जबकि 1,764 कृषि ड्रोन और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर खरीदे गए। इन उत्पादों के प्रभावी उपयोग के लिए ग्रामीण उद्यमियों को प्रशिक्षित भी किया गया। ब्राज़ील, केन्या और अमेरिका जैसे देशों ने आईएफएफसीओ की नैनो तकनीक में रुचि दिखाई है।

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अन्य उत्पादों में भी बढ़ोतरी

आईएफएफसीओ ने अन्य उर्वरक श्रेणियों में भी बेहतर प्रदर्शन किया है। जल घुलनशील और विशेष उर्वरकों की बिक्री 1.30 लाख मीट्रिक टन तक पहुंची, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2 प्रतिशत अधिक है। सागरिका लिक्विड की बिक्री 11.55 लाख लीटर रही, जो 33 प्रतिशत की वृद्धि है, जबकि सागरिका ग्रैन्यूल्स की बिक्री 68,000 मीट्रिक टन रही, जिसमें 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। जैव उर्वरकों की बिक्री 8.61 लाख लीटर रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक है।

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सम्मान और विस्तार योजनाएं

आईएफएफसीओ ने सहकारी आंदोलन में योगदान देने वाले दो सहकारियों को अपने वार्षिक पुरस्कारों से सम्मानित किया। गुजरात के श्री मंसीनभाई कल्याणजीभाई पटेल को ‘आईएफएफसीओ सहकारिता रत्न पुरस्कार’ और हरियाणा के श्री अमरीक सिंह को ‘आईएफएफसीओ सहकारिता बंधु पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

विस्तार योजनाओं के तहत, आईएफएफसीओ अपने कलोल इकाई में ‘बीज नवाचार केंद्र’ स्थापित कर रहा है, जिसका उद्देश्य देशी बीजों का संरक्षण और नए बीजों के विकास को बढ़ावा देना है।

मॉडल क्लस्टर, फील्ड ट्रायल और वैश्विक उपस्थिति

वर्ष 2024-25 के दौरान, आईएफएफसीओ ने “मॉडल नैनो गांव/क्लस्टर परियोजना” की शुरुआत की, जिसमें 203 क्लस्टर (प्रत्येक 2,000 एकड़ क्षेत्रफल के) शामिल हैं। इनमें नैनो उर्वरकों का प्रयोग कर किसानों को प्रशिक्षण व उत्पादों की जानकारी दी गई। इस परियोजना के अंतर्गत 90,000 से अधिक किसान नैनो विलेज पोर्टल पर पंजीकृत हुए, और लगभग 5.30 लाख बोतलें खरीदी गईं। ड्रोन के माध्यम से करीब 72,000 एकड़ में छिड़काव किया गया। इससे रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में औसतन 28.73 प्रतिशत की कमी और फसल उत्पादन में 5.8 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।

सरकार के मार्गदर्शन में 15 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में नैनो उर्वरकों पर फील्ड ट्रायल किए गए। कुल 1,470 डेमोन्स्ट्रेशन किए गए—200 नैनो यूरिया प्लस और 1,270 नैनो डीएपी के लिए। पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में औसतन 5 प्रतिशत से अधिक उत्पादन वृद्धि दर्ज की गई।

आईएफएफसीओ को वर्ल्ड कोऑपरेटिव मॉनिटर की रिपोर्ट में दुनिया की शीर्ष सहकारी संस्था के रूप में मान्यता प्राप्त है। संस्था के पास 10 उत्पादन इकाइयां, 35,600 से अधिक सहकारी समितियां और 21 राज्यों में फैले 500 फील्ड ऑफिस हैं, जो 5 करोड़ से अधिक किसानों तक पहुंच रखते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आईएफएफसीओ 40 से अधिक देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है।

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आईएफएफसीओ के प्रबंध निदेशक डॉ. यू. एस. अवस्थी को हाल ही में ‘रॉचडेल पायनियर्स अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, सहकार भारती द्वारा उन्हें ‘फर्टिलाइजर मैन ऑफ इंडिया’ की उपाधि भी दी गई।

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