इफ्को डीएपी की नकली बोरियों में भरा प्रोम खाद और कीटनाशक पकड़ा

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तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज़, दो गिरफ्तार

19 जुलाई 2022, इंदौर: इफ्को डीएपी की नकली बोरियों में भरा प्रोम खाद और कीटनाशक पकड़ा – किसानों के साथ धोखाधड़ी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है, ताज़ा मामला प्रोम खाद को इफ्को डीएपी की नकली बोरियों में भरने का सामने आया है। कृषि विभाग द्वारा गत दिनों  प्रोम खाद को बड़ी मात्रा में इफ्को डीएपी के नाम पर नकली बोरियों में भरते हुए पकड़ा गया । इसे ट्रकों से सिवनी,बालाघाट भेजने की तैयारी थी। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकास खंड इंदौर की शिकायत पर तीन आरोपियों के खिलाफ थाना भंवरकुआं में एफआईआर दर्ज़ की गई थी , जिसमें से डॉ आरोपियों सचिन कटारिया और राजेंद्र बिरथरे को गिरफ्तार कर लिया गया है।

इस संबंध में श्री विजय जाट ,सहायक संचालक कृषि ,इंदौर ने कृषक जगत को बताया कि विभाग को नए आरटीओ ऑफिस के पास,संजय गाँधी नगर, इंदौर स्थित एक मकान में नकली खाद का कारोबार करने की सूचना मिलने पर उप संचालक कृषि के निर्देश पर जिला गुण नियंत्रण दल, जिसमें मेरे अलावा श्री गोपेश पाठक, श्री संदीप यादव और श्री आर एस तोमर भी शामिल थे, ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। श्री गोपेश पाठक, श्री संदीप यादव और श्री आर एस तोमर शामिल थे। निरीक्षणकर्ताओं ने पाया कि मेसर्स महाधन फास्फेट प्रा लि,इंडस्ट्रीयल एरिया ,देवास द्वारा निर्मित स्वदेश ब्रांड के दानेदार प्रोम (फास्फेट रिच आर्गेनिक मेन्यूर ) को इफ्को डीएपी की बोरियों में पैक किया जा रहा था । मौके से महाधन फास्फेट की खाली की गई 351 बोरियां और इफ्को कम्पनी की डीएपी खाद की खाली बोरियों में पैक किया गया 386 बोरी खाद का अवैध भंडारण पाया गया। इसके अलावा इफ्को कम्पनी की 8 खाली बोरियां, बोरी सिलने की मशीन भी पाई गई। प्रोम की खाली बोरियों पर अधिकतम खुदरा मूल्य 1106 रु / 50 किलो प्रिंट पाया गया, जबकि असली इफ्को डीएपी की 50 किलो की एक बोरी की कीमत 1350 रु है। घटनास्थल से यूपीएल कम्पनी का बगैर लायसेंस का साफ फफूंदनाशक (कार्बनडाज़ेम12 % और मैंकोजेब 63 % ) की 108 किलो मात्रा और साफ ब्रांड के पाउच में भरा जाने वाला पदार्थ 50 किलो की पैकिंग में 16 बोरी का अवैध भंडारण भी पाया गया।

बताया जा रहा है कि इस गोदाम में नकली डीएपी बनाने का कार्य लम्बे अर्से से किया जा रहा था।आरोपियों द्वारा अवैध और अपमिश्रित उर्वरकों का निर्माण कर किसानों के साथ छल और धोखाधड़ी करके अधिक कीमत पर नकली डीएपी खाद बेचना पाया गया। शिकायतकर्ता श्री एस एस इजारदार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, इंदौर के आवेदन पर आरोपियों सचिन कटारिया,राजेंद्र बिरथरे और एक अन्य के खिलाफ थाना भंवरकुआं में उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 7 और 19 सी ii ,आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 और 7 तथा  कीटनाशी अधिनियम 1968 की धारा 29 (1 ) ए, बी और सी में एफआईआर दर्ज़ कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।

क्या है फास्फेट रिज आर्गेनिक मेन्यूर ? – डीएपी के विकल्प में  नया उत्पाद प्रोम विकसित किया गया है, जिसमें कार्बनिक खाद के साथ-साथ रॉक फॉस्फेट की मौजूदगी भी होती है। फॉस्फोरस रिच ऑर्गेनिक मैन्योर अर्थात् प्रोम जैविक रूप से तैयार किया गया एक आर्गेनिक फर्टिलाइजर है, जिसका उपयोग पौधों के लिए डाइ अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी ) और सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी ) रसायनों के स्थान पर जैविक खाद के रूप में किया जाता है।

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