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कृषि कंपनी समाचार (Industry News)

अलिराजपुर जिले में बाँस उत्पादन की व्यापक संभावनाएँ : श्री दुबे

इंदौर। गत दिनों इंदौर के वन विभाग के सभागृह में वन क्षेत्र के बाहर वनाच्छादन बढ़ाने हेतु कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में वन भूमि के अलावा पड़त, निजी और शासकीय भूमि पर भी वनाच्छादन को जरूरी बताया। सामाजिक वानिकी के विकास के लिये गंभीर प्रयास करने पर सब सहमत दिखे।

अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक भोपाल डॉ. पी.सी. दुबे ने कहा कि प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनसंख्या के लिए 33 प्रतिशत वन क्षेत्र में कुल 400 करोड़ पौधे रोपित करने की जरूरत है। श्री दुबे ने इंदौर संभाग के अलीराजपुर जिले में बाँस के रोपण की व्यापक संभावनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि वहाँ की जलवायु बाँस के लिये उपयुक्त है।

कार्यशाला को मुख्य वन संरक्षक वन वृत्त इंदौर श्री सी. एस. निनामा, आयुक्त उद्यानिकी डॉ. एम. कालीदुरई, प्रो. एम.एम. पटेल, श्री सतीश अग्रवाल, कृषि वैज्ञानिक श्री बी.पी.एस. बुंदेला, श्री जी.एस. मिश्रा, श्री जमनालाल पाटीदार, श्री अरूण पारीख और श्री प्रेम पटेल आदि ने भी सम्बोधित किया। इस कार्यशाला में इंदौर, उज्जैन और खण्डवा वन क्षेत्र के क्षेत्रीय वनाधिकारी, किसान, कृषि और उद्यानिकी विभागों के अधिकारी, स्वयंसेवी संगठन और टिम्बर एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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