नैनो यूरिया से बेहतर फसल उत्पादकता: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का दावा

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1 अप्रैल 2022, नई दिल्ली । नैनो यूरिया से बेहतर फसल उत्पादकता: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का दावा कृषि विभाग (डीए एंड एफडब्ल्यू) ने उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 में नैनो यूरिया को नैनो नाइट्रोजन उर्वरक के रूप में अस्थायी रूप से अधिसूचित किया है।

“भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) केवीके (कृषि विज्ञान केंद्र) द्वारा भारत भर में किए गए 94 फसलों में 11000 क्षेत्र परीक्षणों के अनुसार, नैनो यूरिया के उपयोग से फसल उत्पादकता में सुधार होता है”, श्री भगवंत खुबा, रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में इसका हवाला दिया।

नंगल (पंजाब) और ट्रॉम्बे (महाराष्ट्र) में नैनो यूरिया संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण के लिए दो केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसयू) अर्थात् नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (एनएफएल) और राष्ट्रीय रसायन और उर्वरक लिमिटेड (आरसीएफ) ने भी इफको के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। 

विभाग ने तरल उर्वरकों के ड्रोन छिड़काव के लिए उद्यमियों के विकास के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। नैनो यूरिया के उपयोग को विभिन्न गतिविधियों जैसे जागरूकता शिविर, वेबिनार, स्ट्रीट शो, फील्ड प्रदर्शन, किसान सभा और क्षेत्रीय भाषाओं में फिल्मों आदि के माध्यम से बढ़ावा दिया जाता है।

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