फलदार पौधों के रोपण की तैयारी करें

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  • डॉ. एस. के. सिंह, वैज्ञानिक, डॉ. बी. एस. किरार
    वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख
  • जयपाल छिगारहा
    कृषि विज्ञान केन्द्र, टीकमगढ़

17 जून 2021, टीकमगढ़ । फलदार पौधों के रोपण की तैयारी करें  –  आम, अमरूद, पपीता, नीबू, संतरा, लेमन, बेर, कटहल, लीची एवं मुनगा आदि के खरीफ मानसून प्रारम्भ होने पर पौधरोपाण की तैयारी शुरू करें।

आम की उन्नत किस्मों – अगेती:- बॉम्बे ग्रीन, मध्यम:- सुन्दरजा, दशहरी, लंगड़ा, मल्लिका, तोतापरी, देर से:- आम्रपाली, चौसा, नीलम आदि किस्मों को आवश्यकतानुसार चयन करें। पौधा लगाते समय कतार एवं पौधों के आपस की दूरी 838 मीटर रखें और गड्ढे का आकार 13131 मी. रखें और पौधरोपण के समय प्रति गड्ढा 40 कि.ग्रा. गोबर खाद डालें। आम्रपाली एवं मल्लिका की दूरी 535 मी. रखें।

अमरूद की उन्नत किस्में – ग्वालियर 27, इलाहाबाद सफेदा, लखनऊ 49, श्वेता, ललित आदि के गड्ढे कतार एवं पौधों की दूरी 636 मी. पर तैयार करें और पौधा लगाते समय प्रति पौधा 25 कि.ग्रा. गोबर खाद डालें। पौधा गूठी एवं कलिकायन विधि से तैयार पौधा ही लगाये गड्ढा 0.7530.7530.75 मी. आकार का तैयार करें।

संतरा की किस्म – नागपुरी सन्तरा, किन्नो।

नींबू की किस्में- कागजी नीबू, प्रमालिनी एवं लेमन की यूरेका गोल, लखनऊ सीडलेस, पन्त लेमन-1 आदि किस्मों में से चयन करें और पौधा लगाने के लिये गड्ढों की आपस की दूरी 535 मी. रखें। 0.7530.7530.75 मी. आकार के गड्ढों की खुदाई कर तैयार करें।

पपीता की उन्नत किस्म – डायोसियस-कुर्ग हनीडयू , पूसा नन्हा, पूसा ढ्वार्फ, पूसा जाइन्ट, वाशिंगटन एवं गायनोडायोसियस- पूसा डिलेसियस, पूसा मेजेस्टी सनराइज सोलो, रेडलेडी, स्कारलेट प्रिन्सेस आदि है इनके रोपण की आपस की दूरी 232 मी. रखें और गड्ढे का आकार 0.630.630.6 मी. रखें इनके बीज को थैलियों में मध्य मई अंतिम मई तक बुवाई कर दें। रोपण के समय गोबर खाद 25 कि.ग्रा., यूरिया 100 ग्राम, सिंगल सुपर फास्फेट 300 ग्राम एवं म्यूरेट ऑफ पोटाश 80 ग्राम प्रति गड्ढा पौधा लगाते समय डालें।

केला की बौनी किस्में – सफेद बेलची, लाल बेलची, हरीछाल, पूवन, रसथली, बसराई, ड्वार्फ, रोबस्टा, ऊॅंची किस्में – चीनी, चम्पा, सोनकेला, सब्जी किस्में- बत्तीसा, हजारा, मोन्थन आदि किस्में हैं इनके लिये गड्ढे 1.831.8 मी. और 232 मी. की आपस की दूरी पर 0.630.630.6 मी. आकार के गड्ढे तैयार करें और पौधा लगाते समय गोबर खाद 20 कि.ग्रा., यूरिया 100 ग्राम, सिंगल सुपर फास्फेट 300 ग्राम एवं म्यूरेट ऑफ पोटाश 80 ग्रा. प्रति पौधा लगाते समय दें।

मुनगा की उन्नत किस्में – पी. के. एम. सिलेक्शन-1, पी. के. एम.-1, पी.के.एम.-2, के एम.-1, रोहित, कोयम्बटूर आदि का पौधा मई माह में पॉलीथिन की थैली में तैयार करें और इसके गड्ढे 231.5 मी. की आपस की दूरी पर 1.531.531.5 फीट के आकार के गड्ढे तैयार करें तथा पौधा लगाते समय 15 से 20 कि.ग्रा. सड़ा गोबर खाद का प्रयोग करें। पौधा लगाते समय गोबर खाद एवं जीवांशयुक्त मिट्टी मिलाकर गड्ढे की भराई करें और दीमक से बचाव के लिये क्लोरोपायरीफॅास चूर्ण या फोरेट 10 जी चूर्ण 20 से 25 ग्राम प्रति गड्ढे में डालने के बाद ही पौधा लगायें, पौधा लगाते समय थैली को फाढ़कर पौधा को गड्ढे के बीच में सीधा रखते हुये चारों तरफ से मिट्टी डालकर उसे पैरों से अच्छे से दबा दें उसके बाद हल्की सिंचाई कर दें।

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