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उद्यानिकी (Horticulture)

कैसे पहचानें कि आम कैल्शियम कार्बाइड से पकाया गया है और इससे कैसे बचें

20 मई 2025, भोपाल: कैसे पहचानें कि आम कैल्शियम कार्बाइड से पकाया गया है और इससे कैसे बचें – गर्मियों में आम सबसे लोकप्रिय और पसंदीदा फल होता है। लेकिन बाजार में बढ़ती मांग के कारण कई व्यापारी आमों को जल्दी पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड जैसे खतरनाक रसायनों का उपयोग करते हैं। यह तरीका स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक है। इसलिए जरूरी है कि हम यह जानें कि ऐसे आमों को कैसे पहचाना जाए और कैसे उनसे बचा जाए।

कैल्शियम कार्बाइड से पकाना क्या है और यह क्यों हानिकारक है?

कैल्शियम कार्बाइड जब नमी के संपर्क में आता है तो यह एसीटिलीन गैस छोड़ता है। यह गैस एथिलीन हार्मोन की नकल करती है जो फलों को पकाने में मदद करता है। लेकिन यह प्रक्रिया असुरक्षित और स्वास्थ्य के लिए घातक होती है।

इसमें मौजूद आर्सेनिक और फॉस्फोरस जैसे विषैले तत्व त्वचा में जलन, सिरदर्द, चक्कर आना, स्मृति ह्रास और अंगों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

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क्या भारत में कार्बाइड से फल पकाना कानूनी है?

भारत में कैल्शियम कार्बाइड से फल पकाना गैरकानूनी है। FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) द्वारा जारी नियमों के अनुसार, इस रसायन का उपयोग प्रतिबंधित है। केवल नियंत्रित मात्रा में एथिलीन गैस का उपयोग ही मान्य है। जो व्यापारी कार्बाइड का उपयोग करते हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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कैसे पहचानें कि आम को कार्बाइड से पकाया गया है?

असमान रंग और चमक: कार्बाइड से पके आमों का रंग अक्सर एक जैसा पीला या नारंगी होता है, लेकिन भीतर से वे कच्चे या सख्त हो सकते हैं। कार्बाइड से पके आमों की सतह पर भी काले धब्बे दिखाई देते हैं। प्राकृतिक आम धीरे-धीरे पकते हैं, जिससे उनमें रंग की विविधता होती है।

खुशबू का अभाव: प्राकृतिक रूप से पके आमों में तीव्र मीठी खुशबू आती है। लेकिन कार्बाइड से पके आमों में या तो कोई गंध नहीं होती या रासायनिक सी गंध आती है।

काले धब्बे या निशान: कार्बाइड से पके आमों पर अक्सर छोटे काले धब्बे या चकत्ते दिखाई देते हैं। ये रसायन के असमान प्रभाव के कारण होते हैं और त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं।

समान रूप से पकना: यदि एक ही डिब्बे के सभी आम एक जैसे और एक साथ पक गए हैं, तो यह संकेत है कि उन्हें कृत्रिम रूप से पकाया गया है।

स्वाद और बनावट: कार्बाइड से पके आमों की बाहरी त्वचा मुलायम होती है लेकिन अंदर से वे कच्चे रहते हैं। उनका स्वाद फीका या हल्का धात्विक हो सकता है।

सफेद पाउडर के निशान: कभी-कभी आम की सतह या डिब्बे में सफेद या ग्रे रंग का पाउडर दिखाई देता है, जो कैल्शियम कार्बाइड का अवशेष होता है।

कैसे बचें कार्बाइड से पके आमों से

हमेशा भरोसेमंद दुकानों, ऑर्गेनिक स्टोर्स या सरकारी अनुमोदित विक्रेताओं से आम खरीदें। ज्यादा चमकदार, एक जैसे रंग और आकार वाले आमों से बचें।

ऐसे आम चुनें जिनमें थोड़ा हरा रंग हो और जिनसे प्राकृतिक खुशबू आती हो। आमों को खाने से पहले उन्हें कम से कम एक घंटे पानी में भिगोना भी मददगार होता है, ताकि सतही रसायन हट जाएं।

बहुत जल्दी मौसम से पहले बाजार में आने वाले आम, जैसे मार्च-अप्रैल में, अक्सर रसायन से पके होते हैं। बेहतर है कि आप मई-जून के मौसम में ही आम खरीदें।

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