समस्या – समाधान (Farming Solution)

गेहूं की पिछेती बुआई कब तक करें, कौन सी जातियां एवं उर्वरक बतायें

  • नर्मदा प्रसाद वर्मा

19 नवम्बर 2022, भोपालगेहूं की पिछेती बुआई कब तक करें, कौन सी जातियां एवं उर्वरक बतायें –

समाधान- गेहूं की विलम्ब के बोनी की स्थिति आमतौर पर कमांड क्षेत्रों में जहां दो फसली कार्यक्रम चलते हैं वहां विशेषकर आती है। धान काटकर गेहूं की उक्त स्थिति में से एक है। यहां हम यह बता दें कि गेहूं के अंकुरण के लिए 20-25 डिग्री तापमान उपयुक्त होता है। 20 डिग्री के नीचे का तापमान अंकुरण को प्रभावित करता है। फिर अच्छे उत्पादन के लिये गेहूं को कम से कम 90 दिन की ठण्ड जरूरी होती है। इस प्रकार दोनों ही स्थिति में जल्द से जल्द बुआई की जाना हितकर होता है। अनुसंधान के आंकड़े बताते हैं कि 25 दिसम्बर के बाद की बुवाई में प्रतिदिन 37 किलो प्रति हेक्टेयर तक का उत्पादन प्रभावित होता है। आपने जातियों के विषय में उचित सवाल किया है। देरी से बुवाई के लिए जेडब्ल्यू 1202, जेडब्ल्यू 1203, एमपी 3336, राज. 4238, एचडी 2932, एचआई 1634 (पूसा अहिल्या), एम.पी. 4010, जी.डब्ल्यू. 173, एच.डी. 2285, एच.आई. 8498 तथा एच.डी. 2864 उपयुक्त है। साथ ही बीज दर 100 किलो प्रति हे. की जगह 125 किलो/हे. रखा जाये। उर्वरकों में  नत्रजन-100 किलो, फास्फोरस 50 किलो, पोटाश-25 किलो प्रति हेक्टर की दर से दिया जाये। इस प्रकार बीज दर, उर्वरकों की मात्रा दोनों समय बुआई से  भिन्न है।

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