मैं अरंडी की खेती करना चाहता हूं कृपया तकनीकी बतलायें

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– ईश्वरदास, पिपरिया
समाधान– अरंडी की खेती आपके पड़ोसी के जिला छिंदवाड़ा में सफलतापूर्वक की जा रही है किसान वहां इसे नकदी फसल के रूप में स्वीकार रहे है इसे लगाये साथ में निम्न पद्धति  भी से लगाएं।

  • जातियों में अरूणा, जी.सी.एच 4, जी.सी.एच. 5 तथा आरएचसी 1 अच्छे परिणाम देती है।
  • एक हेक्टर क्षेत्र के लिये 12-15 किलो बीज प्रति हेक्टर की दर से लगेगा।
  • सिंचित क्षेत्र में कतार से कतार की दूरी 1 मीटर तथा पौध से पौध 75 से.मी. रखें असिंचित क्षेत्र में कतार से कतार 75 से.मी. तथा पौध से पौध 50 से.मी. रखें।
  • बीज 6 से.मी. की गहराई तक ही बोयें अन्यथा अंकुरण प्रभावित होगा।
  • सिंचित क्षेत्र में 90 किलो डीएपी तथा 50  किलो यूरिया अथवा 250 किलो सिंगल सुपर फास्फेट तथा 58 किलो यूरिया डालें साथ में 45 किलो यूरिया की टॉप ड्रेसिंग बुआई के 25 दिनों बाद करें तथा दूसरी टाप ड्रेसिंग बुआई के 90 दिनों बाद करें।
  • असिंचित अवस्था में 25 किलो यूरिया, 45 किलो डीएपी अथवा 44 किलो यूरिया तथा 125 किलो सिंगल सुपर फास्फेट बाद में डालें।
  • बुआई का उत्तम समय जून माह है वर्षा नहीं होने पर सिंचाई की जाये।
  • समय-समय पर निंदाई/गुड़ाई करें।
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