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किसानों की सफलता की कहानी (Farmer Success Story)

टमाटर से आई ललित के चेहरे पर लालिमा

  • (दिलीप दसौंधी, मंडलेश्वर)

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24 दिसंबर 2021, टमाटर से आई ललित के चेहरे पर लालिमा – उद्यानिकी फसलों की ओर क्षेत्र के किसानों का रुझान बढ़ा है। ग्राम छोटी खरगोन के उन्नत किसान श्री ललित पाटीदार उद्यानिकी फसलों खास तौर से टमाटर की फसल से अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। इससे उनके चेहरे पर लालिमा आ गई है। श्री पाटीदार टमाटर के अलावा मिर्च और करेला की भी खेती कर रहे हैं।

श्री पाटीदार ने कृषक जगत को बताया कि उनके पास स्वयं की साढ़े नौ बीघा ज़मीन है। इसके अलावा इन्होंने 10 बीघा जमीन लीज पर भी ले रखी है, जहाँ अन्य खेती भी करते हैं। 3-4 साल से टमाटर की खेती कर रहे हैं। इस साल इन्होंने सितंबर में साढ़े तीन बीघा में टमाटर की देसी किस्म साहो और दो बीघा में ऋषिका लगाई थी। फसल अच्छी स्थिति में है। साहो के 700 कैरेट स्थानीय खरीदारों के माध्यम से इंदौर -दिल्ली भेज चुके हैं, जबकि ऋषिका की तुड़ाई अभी आरम्भ हुई है। 55 कैरेट बेच दिए हैं। दाम 900 से 1100 रुपए कैरेट तक मिले हैं। ऋषिका का दाम 850 रुपए /कैरेट मिला। श्री पाटीदार ने इस वर्ष सवा दो बीघा में मिर्च किस्म 1474 और 1483 के 13 हजार पौधे लगाए हैं। 1474 की पहली तुड़ाई एक सप्ताह तक आ जाएगी, जबकि 1483 किस्म देरी वाली है, इसलिए करीब 15 दिन बाद आएगी। वहीं 24 दिन पूर्व करेला किस्म 1315 के साढ़े पांच हजार पौधे भी लगाए हैं। खीरा भी लगाया है।

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श्री रूपसिंह डोडियार, वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी, महेश्वर ने कृषक जगत को बताया कि संबंधित किसान को विभाग द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन दिया जाता है। उद्यानिकी फसल लेने वाले अन्य किसानों को भी मैदानी अधिकारी/कर्मचारी सलाह देते रहते हैं।

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