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किसानों की सफलता की कहानी (Farmer Success Story)

सफेद मूसली की खेती के प्रेरक बने पाटीदार बंधु

  • (विशेष प्रतिनिधि)

24 दिसंबर 2021, इंदौर । सफेद मूसली की खेती के प्रेरक बने पाटीदार बंधु – जिन किसानों ने परंपरागत खेती से हटकर खेती की है,उन्होंने न केवल धन कमाया,बल्कि सम्मान भी अर्जित किया। ऐसे ही देवास जिले की हाटपिपल्या तहसील के ग्राम देहरियासाहु के किसान बंधुद्वय श्री रामचरण और श्री श्याम पाटीदार वर्ष 2003 से सफ़ेद मूसली की खेती निरंतर कर रहे हैं। इस खेती से उन्हें प्रति बीघा डेढ़ लाख रुपए का शुद्ध लाभ हो रहा है। इनकी सफलता से प्रेरित होकर क्षेत्र के अन्य किसान भी सफ़ेद मूसली की खेती करने लगे हैं।

श्री रामचरण पाटीदार ने कृषक जगत को बताया कि वे अपने छोटे भाई श्री श्याम पाटीदार के साथ मिलकर वर्ष 2003 से सफ़ेद मूसली की खेती निरंतर कर रहे हैं। इसकी प्रेरणा एक अखबार में छपे लेख को पढऩे से मिली थी। शुरुआत एक बीघा से की गई थी, जो अब बढक़र 27 बीघा तक पहुँच गई है। सफ़ेद मूसली खरीफ की फसल है जो, जून से अक्टूबर तक पक जाती है। इसे कम पानी में भी किया जा सकता है। बुवाई के 6 माह में एक बार इसकी फसल आती है, जिसे खोदकर निकाला जाता है। औषधीय फसल होने से इसका मूल्य भी अच्छा मिलता है और जमीन का फसल चक्र भी बना रहता है। इस फसल से लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। सफ़ेद मूसली की छिलाई पाल पद्धति या मशीन से की जाती है। इसे बिना छिले (कच्ची),सूखी मूसली और कंद बीज के रूप में बेचा जाता है। इस साल 20 बीघे की फसल बीज के लिए सुरक्षित रखी है, जबकि 7 बीघे की फसल सूखाकर बेचने के लिए तैयार है। सफ़ेद मूसली को नीमच मंडी और इंदौर के सियागंज में बेचा जाता है। जहां इसका दाम 900 से 1000 किलो तक मिल जाता है। सफ़ेद मूसली की फसल में इन्हें प्रति बीघा डेढ़ लाख रुपए का शुद्ध लाभ होता है।

श्री पाटीदार ने कहा कि परम्परागत खेती में आलू, प्याज,गेहूं और चने की फसल भी लेते हैं। श्री पाटीदार, राष्ट्रीय औषधीय पौधा बोर्ड द्वारा 2016 में नजफगढ़, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सेमीनार में भी शिरकत कर चुके हैं। इनके कलिया मूसली फार्म का तत्कालीन कलेक्टर श्री मुकेश चंद्र गुप्ता ने भी निरीक्षण किया था। इन्हें माँ चामुंडा आत्मा परियोजना,देवास (2010), जिला उद्यानिकी मिशन समिति, देवास (2011) और 15 अगस्त 2014 को देवास के तत्कालीन कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है। दोनों भाई क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए सफ़ेद मूसली की खेती के लिए प्रेरक बने हुए हैं। संपर्क -9926054093 ,9977481791 ।

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