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मेहरबानसिंह पर हुई गिर गायों की मेहरबानी

  • इंदौर (विशेष प्रतिनिधि)।

Meharban-Singh

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10 जनवरी 2023,  मेहरबानसिंह पर हुई गिर गायों की मेहरबानी – गाय को हमारे देश में माता का दजऱ्ा दिया गया है। गौ माता की सेवा को पुण्य का कार्य माना गया है। इससे पुण्य के साथ आय भी अर्जित होती है। इंदौर जिले की सांवेर तहसील के ग्राम अर्जुन बड़ोदा के उन्नत कृषक श्री मेहरबानसिंह चौधरी पिछले 7 सालों से देसी नस्ल की गिर गायों का पालन कर रहे हैं। 2016 में 2 गायों से शुरू हुआ यह सिलसिला अब 20 गायों तक पहुँच गया है। वर्ष 2019 में इन्हें इंदौर जिले का प्रथम और द्वितीय गोपाल पुरस्कार मिल चुका है।

गिर गायों की गाथा 

श्री चौधरी ने कृषक जगत को बताया कि पहले उनके पास 21 देसी गाय और बछड़े थे, लेकिन 2014-15 में फैली अज्ञात बीमारी में 14 पशु मर गए। 7 बचे पशुओं में एक सांड, गाय और केड़े ही बचे। इसके बाद 2016 में गुजरात से गिर नस्ल की दो गायें लाए। आज यह संख्या 20 तक पहुँच गई है। फिलहाल 6 गायें दूध दे रही हैं। कुछ गायें गाभिन हैं। यह क्रम चलता रहता है। फिलहाल करीब 35-40 लीटर दूध एकत्रित हो रहा है।

गौ आहार

श्री चौधरी ने बताया कि गायों को बरसीम, हरी घास, चरी, नारियल की खली और बाज़ार में उपलब्ध पशु आहार भी खिलाया जाता है। गायों को वर्ष भर हरी घास मिलती रहे इसके लिए दो बीघा में चरी/रिजका भी लगाया है। इन गायों को पालना घाटे का सौदा नहीं है, क्योंकि इनकी विशेष देख-रेख नहीं करनी पड़ती है। जर्सी गाय की तुलना में गिर गाय का दूध अधिक रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।

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परम्परागत खेती 

श्री चौधरी 2014 -15 तक आलू -लहसुन की खेती बड़े पैमाने पर करते थे, लेकिन अब परम्परागत खेती ही करते हैं। खरीफ में सोयाबीन/मक्का और रबी में गेहूं/चना की फसल लेते हैं।

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गोपाल पुरस्कार/उत्कृष्ट कृषक सम्मान

श्री चौधरी को पशु पालन विभाग इंदौर द्वारा वर्ष 2019 में जिले में प्रथम और द्वितीय गोपाल पुरस्कार प्रदान किया गया था। यह प्रतियोगिता में दो गायों को लेकर गए थे। पहली गाय ने एक टाइम में 9.25  लीटर और तीन टाइम में 27 लीटर दूध देकर प्रथम पुरस्कार हासिल किया था। जबकि दूसरी गाय द्वारा एक टाइम में 7.5 लीटर दूध देने पर द्वितीय पुरस्कार  मिला था। इसके अलावा श्री चौधरी को हाल ही में भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर के स्थापना दिवस (11 दिसंबर) पर सोयाबीन फसल की अनुशंसित तकनीक को अपनाने और उसके प्रसार में सहयोग करने के फलस्वरूप ‘उत्कृष्ट कृषक सम्मान’ से सम्मानित किया गया है। श्री मेहरबानसिंह, गिर गायों की इस मेहरबानी से सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और सम्मान मिलने पर बहुत खुश हैं।

  • सम्पर्क : 9993103070 

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