संपादकीय (Editorial)

भारत में हर साल 3 करोड़ टन केला

केले की स्मार्ट फॉर्मिंग पर परिसंवाद

बड़वानी। जैन इरिगेशन सिस्टम्स लि. जलगांव और श्री साईं ट्रेडर्स बड़वानी के संयुक्त तत्वावधान में गत दिनों बड़वानी में केला फसल की स्मार्ट फार्मिंग और निर्यात पर परिसंवाद आयोजित किया गया.जिसमें केला विशेषज्ञ और जैन इरिगेशन के वाइस प्रेसिडेंट श्री के.बी. पाटिल, कृषि एवं जलतंत्र विशेषज्ञ डॉ. सुधीर भोंगले आदि ने अपने विचार प्रकट किए।

निर्यात बहुत कम

इस परिसंवाद में अत्याधुनिक केला उत्पादन तंत्र ,बंच व्यवस्थापन ,बड इंजेक्शन,बंच स्प्रे, फ्रूट केयर मैनेजमेंट ,पैक हॉउस ऑपरेशन, पैकिंग और निर्यात तकनीक विषय पर विषेशज्ञों द्वारा विचारों का प्रकटीकरण किया गया. श्री के. बी पाटिल ने भारत में केले के सालाना उत्पादन 30 मिलियन टन है, जो विश्व के उत्पादन का 29 प्रतिशत होने के बावजूद निर्यात का प्रतिशत मात्र 0 .20 प्रतिशत होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. जबकि केला निर्यातक फिलीपींस, कोलंबिया, ग्वाटेमाला आदि देश केले की सिगाटोका,पनामा और मोको जैसी बीमारियों से लडऩे के कारण वहां केले का उत्पादन क्षेत्र कम हो गया है , जबकि भारत में बढ़ गया है .ऐसे में भारत के सामने दुबई, सऊदी अरब, ओमान , ईराक, जापान , रशिया , चीन , कुवैत, कोरिया जैसे देशों में गुणवत्तायुक्त .केला निर्यात का सुनहरा मौका है.लेकिन इसके लिए श्रेष्ठ फल केयर मैनेजमेंट, हार्वेस्टिंग और अच्छी पैकिंग होना जरुरी है , जो फिलहाल हमारी कमजोरी है.जिसे दूर करना है. डॉ.सुधीर भोंगले ने कहा कि निर्यात का युद्ध जीतना है तो उत्पादकता बढ़ाकर उत्पादन खर्च कम करना पड़ेगा. आपने जैन इरिगेशन द्वारा केला की ग्रेंड -12 की नई टिश्यू कल्चर किस्म किसानों को देने और फलोद्यान में हाइडेन्सिटी और अल्ट्रा हाइडेन्सिटी प्लांटेशन का नया तंत्र विकसित करने की जानकारी दी. परिसंवाद की अध्यक्षता किसान नेता श्री चंद्रशेखर यादव ने की.प्रमुख अतिथि राजस्थान के असिस्टेंट कमिश्नर कुं. श्री विश्वजीतसिंह पुरावत , प्रगतिशील कृषक श्री काशीराम मुकाती और सांई ट्रेडर्स के संस्थापक श्री मनोहर सिंह सोलंकी ने भी अपने विचार प्रकट किए.आरम्भ में अतिथियों का स्वागत जैन इरिगेशन सिस्टम्स के एग्रोनॉमिस्ट श्री जैदी अजहर ,श्री कौशल शंखवार, श्री इरफ़ान अली, साईं ट्रेडर्स के श्री सक्कु दरबार ,श्री दिलीप पाटीदार, श्री हरदीप सोलंकी, श्री रमेश मुकाती और श्री महेंद्र सिंह सोलंकी ने किया।

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