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फसल की खेती (Crop Cultivation)

मूंगफली की नई तकनीकों से समृद्धि की ओर: तिलहन आदर्श ग्राम योजना का निरीक्षण

02 सितम्बर 2024, सीतापुर: मूंगफली की नई तकनीकों से समृद्धि की ओर: तिलहन आदर्श ग्राम योजना का निरीक्षण – कृषि विज्ञान केंद्र, कटिया ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार) के मार्गदर्शन में पिसावा विकास खंड के खोजेपुर गांव में तिलहन आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत मूंगफली प्रदर्शन प्रक्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस योजना का उद्देश्य इन गांवों में तिलहन एवं दलहन की खेती के नवीनतम तकनीकों को बढ़ावा देना है, जिससे किसानों की उत्पादकता और आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके।

इस मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रसार वैज्ञानिक शैलेंद्र सिंह और डॉ. शिशिर कांत सिंह ने किसानों से सीधे संवाद करते हुए मूंगफली की उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी साझा की। शैलेंद्र सिंह ने किसानों को बताया कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से न केवल उपज में सुधार होगा, बल्कि फसल की गुणवत्ता में भी वृद्धि होगी।

डॉ. शिशिर कांत सिंह ने मूंगफली की खेती के विभिन्न चरणों पर गहन चर्चा की, जिसमें जैविक खाद, सही सिंचाई, और उन्नत बीजों के प्रयोग की अहमियत पर जोर दिया। किसानों ने अपने कृषि संबंधी सवाल पूछे, जिनका समाधान वैज्ञानिकों ने तुरंत मौके पर ही प्रदान किया।

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कृषि विज्ञान केंद्र की टीम ने इस दौरान किसानों को तिलहन एवं दलहन की खेती में नवीनतम तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया और योजना के तहत मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

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