मटर की ये टॉप-5 किस्में देंगी बंपर पैदावार, 85 से 110 दिन में तैयार होगी फसल; जानें खासियत और बुवाई का सही समय
17 अगस्त 2026, नई दिल्ली: मटर की ये टॉप-5 किस्में देंगी बंपर पैदावार, 85 से 110 दिन में तैयार होगी फसल; जानें खासियत और बुवाई का सही समय – मटर की खेती किसानों के लिए अच्छी आमदनी का जरिया बन सकती है। कृषि विज्ञान और नई तकनीकों के विकास के साथ मटर की कई उन्नत किस्में सामने आई हैं, जो बेहतर उत्पादन के साथ कम समय में तैयार होती हैं। कृषि विभाग और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की ओर से पेश की गई इन किस्मों में अधिक उपज, कम परिपक्वता अवधि और रोगों से बचाव जैसी विशेषताएं बताई गई हैं। इनमें से पांच प्रमुख किस्मों की फसल 85 से 110 दिन में तैयार हो जाती है। किसान अपने क्षेत्र और मौसम के अनुसार इन किस्मों का चयन कर सकते हैं।
1. IPFD 2014-2
मटर की IPFD 2014-2 किस्म उच्च उत्पादन और कम अवधि में तैयार होने के लिए जानी जाती है। इससे करीब 22-23 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज प्राप्त हो सकती है। इस किस्म की फसल 105 से 110 दिन में तैयार हो जाती है।
यह किस्म मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र, गुजरात और राजस्थान के दक्षिणी भागों में खेती के लिए उपयुक्त बताई गई है। कम समय में तैयार होने के कारण किसान जल्दी मटर की उपज प्राप्त कर सकते हैं।
बुवाई का सही समय: अक्टूबर से नवंबर।
2. Pant Pea 243
Pant Pea 243 भी अच्छी उपज देने वाली उन्नत किस्म है। इसकी उत्पादन क्षमता करीब 19-20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है और फसल को तैयार होने में लगभग 105 से 110 दिन लगते हैं। इसके पौधे मजबूत होते हैं और कम समय में अच्छी उपज देने की क्षमता रखते हैं। यह किस्म मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के दक्षिणी भागों में खेती के लिए उपयुक्त बताई गई है।
बुवाई का सही समय: नवंबर से दिसंबर।
3. TRCP 9
TRCP 9 मटर की जल्दी तैयार होने वाली किस्मों में शामिल है। इसकी फसल सिर्फ 85 से 90 दिन में तैयार हो जाती है। इससे करीब 21-22 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज प्राप्त हो सकती है। यह किस्म खास तौर पर उत्तर-पूर्वी भारत के राज्यों, जैसे त्रिपुरा और आसपास के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त बताई गई है। कम अवधि में तैयार होने के साथ इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बताई गई है, जिससे फसल को रोगों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद मिल सकती है।
बुवाई का सही समय: जून से जुलाई।
4. IPFD 9-2
IPFD 9-2 किस्म से करीब 15-16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन प्राप्त हो सकता है। इसकी फसल लगभग 105 से 110 दिन में तैयार होती है। यह किस्म विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के लिए उपयुक्त बताई गई है। इस किस्म की खासियत अच्छी उत्पादन क्षमता के साथ मटर के रोगों से बचाव की क्षमता है, जिससे फसल का उत्पादन सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
बुवाई का सही समय: अक्टूबर से नवंबर।
5. IPFD 12-2
मटर की IPFD 12-2 किस्म अधिक उत्पादन क्षमता के लिए जानी जाती है। इससे करीब 22-25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज प्राप्त हो सकती है। इसकी फसल लगभग 110 दिन में तैयार होती है। यह किस्म मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र, गुजरात और राजस्थान के दक्षिणी भागों में बेहतर परिणाम देने वाली बताई गई है। इसके पौधे मजबूत होते हैं और कम अवधि में अच्छी मात्रा में मटर की उपज प्राप्त करने में मदद करते हैं।
बुवाई का सही समय: नवंबर।
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