फसल की खेती (Crop Cultivation)

मूंग फसल में इल्ली और पीला मोजेक रोग की आशंका, कृषि वैज्ञानिकों ने दिए बचाव के उपाय

16 मई 2025, हरदा: मूंग फसल में इल्ली और पीला मोजेक रोग की आशंका, कृषि वैज्ञानिकों ने दिए बचाव के उपाय – जिले में पिछले 2-3 दिनों से हो रही हल्की वर्षा और मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के चलते मूंग की फसल में कीट और रोग का प्रकोप बढ़ने की संभावना जताई गई है। हरदा कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

विशेष रूप से मूंग की फसल में इल्ली के प्रकोप की आशंका व्यक्त की गई है। वैज्ञानिकों ने किसानों से अपील की है कि वे प्रतिदिन अपनी फसल का निरीक्षण करें। यदि इल्ली का प्रकोप दिखाई दे तो निम्नलिखित कीटनाशकों में से किसी एक का छिड़काव करें:

  • इमामेक्टिन बेंजोएट 5% एस.जी. – 200 ग्राम प्रति हेक्टेयर
  • प्रोफेनोफॉस 50% ई.सी. – 1.25 लीटर प्रति हेक्टेयर
  • इन्डोक्साकार्ब 14.5% एस.सी. – 500 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर

इसके साथ ही, ग्रीष्मकालीन मूंग फसल में पीला मोजेक रोग भी फैलने की आशंका है। इसके नियंत्रण हेतु कृषि वैज्ञानिकों ने निम्नलिखित कीटनाशकों के प्रयोग की सलाह दी है:

  • थायोमेथोक्जाम 25 डब्ल्यूजी – 40 ग्राम प्रति एकड़
  • इमीडाक्लोप्रिड 17.8 एस.एल. – 50 मिलीलीटर प्रति एकड़

इनकीटनाशकों को 100 से 125 लीटर पानी में घोलकर, सुबह या शाम के समय छिड़काव करना अधिक प्रभावी रहेगा।

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कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए समय पर आवश्यक कार्रवाई करें ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके।

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