Ad DesktopAd TabletAd Mobile
फसल की खेती (Crop Cultivation)

सरसों की खेती में खास बातें

6  नवम्बर 2022, भोपाल । सरसों की खेती में खास बातें –

  • तापमान को ध्यान में रखते हुए किसानों को सरसों की बुवाई शुरू करने की सलाह दी जाती है। खेतों की जुताई के बाद पाटा अवश्य लगायें।
  • बीज दर- प्रति एकड़ 1.5-2 किलो रखें। बोने से पहले थीरम या कैप्टन 2-2.5 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के अनुसार बीजोपचार करें।
  • कतार में बुवाई फायदेमंद है। गैर फैलने वाली किस्मों हेतु पंक्ति से पंक्ति की दूरी 30 सेमी होनी चाहिए और फैलने वाली किस्मों के लिए पंक्ति से पंक्ति की दूरी 45-50 सेमी होना चाहिए। अंकुरण के बाद पौधे से पौधे की दूरी 12-15 सेमी पर बनाए रखा जाए।
  • बुवाई से पूर्व सल्फर के लिए मिट्टी परीक्षण किया जाना चाहिए और जिन क्षेत्रों में सल्फर की कमी है वहां पर प्रति हेक्टेयर 20 किलोग्राम की दर से सल्फर का प्रयोग करें।
अनुशंसित किस्में

पूसा जय किसान, पूसा जगन्नाथ, पूसा सरसों -25, पूसा सरसों -26, पूसा अग्रणी, पूसा तारक, पूसा महक, जवाहर सरसों (जे.एम.1), स्वर्ण ज्योति, वसुंधरा, आर.जी.एल. 73, पूसा-बोल्ड, वरुणा, क्रांति, रोहिणी, जवाहर सरसों- 2 लोकप्रिय किस्में हैं।

महत्वपूर्ण खबर: प्राकृतिक खेती – डिजिटल कृषिअब मिशन मोड में होगी

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile