घर का गेहूं बीज बोएं या नया बीज खरीदें? जानिए प्रति एकड़ ₹7,725 ज़्यादा मुनाफे का हिसाब
15 अक्टूबर 2026, भोपाल: घर का गेहूं बीज बोएं या नया बीज खरीदें? जानिए प्रति एकड़ ₹7,725 ज़्यादा मुनाफे का हिसाब – मध्य भारत के किसानों के लिए गेहूं सबसे अहम रबी फसल है। यह किसान की कमाई का बड़ा ज़रिया है और देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ भी।
हर साल बुवाई से पहले किसान के सामने एक ही सवाल होता है: पिछले साल का बचाया हुआ घर का गेहूं बीज बोएं या बाज़ार से नया बीज खरीदें? घर का बीज सस्ता लगता है, लेकिन पूरे सीज़न का हिसाब लगाएं तो तस्वीर बदल जाती है।
घर के गेहूं बीज की तीन बड़ी कमियां
1. ज़्यादा बीज, कमज़ोर फुटाव: घर के गेहूं बीज में आमतौर पर अंकुरण (जर्मिनेशन) कम होता है, बीज की जीवनशक्ति कमज़ोर होती है और कल्ले (टिलरिंग) भी कम निकलते हैं। इसी कमी को पूरा करने के लिए किसान प्रति एकड़ 60 से 70 किलो बीज डालते हैं।
वहीं नए श्रीराम सुपर 5-SR-05 गेहूं बीज की ज़रूरत सिर्फ 40 किलो प्रति एकड़ होती है। इसमें अंकुरण अच्छा होता है, बीज मज़बूत होता है और कल्ले ज़्यादा निकलते हैं।
2. कीट और रोग का ज़्यादा खतरा: घर के बीज के साथ पिछली फसल के कीट और रोग भी खेत में लौट सकते हैं। इसलिए इसमें बीज उपचार और दूसरी दवाइयों पर लगभग ₹500 प्रति एकड़ का अतिरिक्त खर्च आता है। नए बीज के साथ यह खर्च नहीं जुड़ता, जिससे खेती की लागत काबू में रहती है।
3. असमान दाना, कम दाम: घर के बीज से दाने असमान बनते हैं, उपज कम होती है और गुणवत्ता भी कमज़ोर रहती है। ऐसे गेहूं को मंडी में कम भाव मिलता है। नए बीज से दाना एक जैसा, चमकदार और भरा हुआ बनता है, जिसे मंडी में बेहतर दाम मिलता है।
प्रति एकड़ खर्च और कमाई का पूरा हिसाब
पहली नज़र में नया बीज ₹1,000 महंगा लगता है। लेकिन घर के बीज पर लगने वाली ₹500 की दवाई जोड़ दें, तो असली अंतर सिर्फ ₹500 रह जाता है। अब देखिए इस ₹500 के बदले किसान को क्या मिलता है:
| विवरण (प्रति एकड़) | नया श्रीराम सुपर बीज | घर का गेहूं बीज | अंतर |
| बीज की मात्रा | 40 किलो | 60 से 70 किलो | 20 किलो कम |
| बीज की औसत कीमत | ₹2,800 | ₹1,800 | ₹1,000 |
| बीज उपचार एवं अन्य दवाइयां | नहीं | ₹500 | ₹500 की बचत |
| कुल खर्च | ₹2,800 | ₹2,300 | ₹500 |
| उत्पादन (क्विंटल) | 22 से 25 | 20 से 22 | 2 से 3 ज़्यादा |
| गेहूं की कमाई (₹2,600 से 2,700 प्रति क्विंटल) | ₹62,275 | ₹55,650 | ₹6,625 |
| भूसा (क्विंटल) | 15 से 17 | 13 से 15 | 2 ज़्यादा |
| भूसे की कमाई (₹800 प्रति क्विंटल) | ₹12,800 | ₹11,200 | ₹1,600 |
| कुल आय | ₹75,075 | ₹66,850 | ₹8,225 |
| अतिरिक्त मुनाफा | ₹7,725 |
यानी नए बीज पर ₹500 ज़्यादा लगाकर किसान को ₹8,225 की ज़्यादा आय होती है। खर्च घटाने के बाद हर एकड़ पर ₹7,725 का शुद्ध अतिरिक्त मुनाफा बचता है। 10 एकड़ के किसान के लिए यह फायदा लगभग ₹77,000 तक पहुंच जाता है।
ध्यान दें: बीज और गेहूं की कीमतें बाज़ार के अनुसार बदलती रहती हैं। ऊपर दी गई कीमतें और पैदावार केवल अनुमानित हैं।
इस रबी सीज़न में बुवाई से पहले यह हिसाब ज़रूर लगाएं। घर का गेहूं बीज सस्ता दिखता है, लेकिन असली बचत अच्छे बीज से मिलने वाली ज़्यादा उपज और बेहतर दाम में है।
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