प्रगतिशील किसानों ने बताया सोयाबीन में लागत खर्च और उत्पादन का गणित

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01 जुलाई 2022, इंदौर: खरीफ की मुख्य फसल सोयाबीन की लागत खर्च और उत्पादन को लेकर ‘कृषक जगत – राष्ट्रीय कृषि अखबार’ ने चुनिंदा प्रगतिशील किसानों से चर्चा की, जिसमें उन्होंने सोयाबीन के लागत खर्च और उत्पादन का हिसाब साझा किया। तीनों  सोयाबीन उत्पादकों से मिली खेती की लागत का उल्लेख आप सबकी जानकारी के लिए यहाँ दिया जा रहा है ।

1. बैतूल जिले के कृषक श्री पांडुरंग नारायण राव लोखंडे

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के प्रगतिशील कृषक श्री पांडुरंग नारायण राव लोखंडे ने सोयाबीन लागत खर्च और उत्पादन की इस प्रकार गणना की: एक एकड़ खेत मूल्य का ब्याज (एसबीआई के अनुसार) 20 हज़ार रु, प्लाऊ के 2 हज़ार रु, दो बार कल्टीवेटर के 16 हज़ार रु, रासायनिक खाद 12:32:16 मात्रा 75 किलो 2200 रु, बीज 35 किलो 150 की दर से 5250 रु, सल्फर 5 किलो, थायरम + इमिडा + रायज़ो + पीएसबी खर्च 2000 रु, बोवनी खर्च 1000 रु, बोनी बाद खरपतवारनाशक अथारटी 1500 रु, 20 दिन बाद खरपतवारनाशक और श्रमिक खर्च 3000 रु, कीटनाशक और स्प्रे खर्च 2500 रु, कटाई 2000 रु, थ्रेशर 2500 रु तथा जुट बोरी, ढुलाई और हम्माली 2000 रु प्रति एकड़। कुल लागत 47,500 रुपए प्रति एकड़ बताई।

इन्होंने सोयाबीन का औसत उत्पादन 9 क्विंटल/एकड़ माना। 7000 रु प्रति क्विंटल के भाव से 63 हज़ार रु हुए जिसमें से लागत खर्च 47,500/- रु घटाने पर 15,500/- रुपए प्रति एकड़ का लाभ आकलित किया गया। इसमें से घर के लोगों की देखरेख का खर्च 2000 रु और मंडी कमीशन के 4000 रु घटाने पर 9500 रु प्रति एकड़ का लाभ हो सकता है, यदि प्राकृतिक प्रकोप न हो तो।

2. इंदौर के कृषक श्री कन्हैयालाल हर्निया

जबकि इंदौर के कृषक श्री कन्हैयालाल हर्निया, ने खेत की तैयारी के तहत दो बार कल्टीवेटर के 1200 रु, पंजा लेवल करना 1200 रु, बीज एवं उपचार के 12 हज़ार, रासायनिक खाद एनपीके 20:80:20 के 4660 रु, सीड ड्रिल दो घंटा 2000 रु, खरपतवार नाशक एक लीटर मजदूरी सहित 2000 रु, कीटनाशक 2 से 3 बार स्प्रे मजदूरी सहित 2500 रु, कटाई हार्वेस्टर द्वारा 3600 रु, भंडार गृह तक लाने का खर्च 1000 रु। कुल लागत खर्च 32,160 रु /हेक्टेयर। प्रति एकड़ के हिसाब से कुल लागत खर्च देखा जाए तो ये करीब 13,014 रु आता है।

इनका औसत उत्पादन 20 क्विंटल /हेक्टर। औसत मंडी भाव 4200 रु X 20 क्विंटल = 84 हज़ार/हेक्टेयर। आय 84,000 – 32,160 = 51,840 रु / हेक्टेयर लाभ आकलित किया। प्रति एकड़ के हिसाब से देखा तो ये करीब 20,979 रु का लाभ आता है।

3. उज्जैन के कृषक श्री योगेंद्र कौशिक

उज्जैन के प्रगतिशील कृषक श्री योगेंद्र कौशिक (तीसरे किसान) ने सोयाबीन की लागत और उत्पादन की जो गणना की है वह इस प्रकार है: 4800 रु / हकाई जुताई तीन बार की जाती है 6 घंटे/₹800 रु / प्रति घंटा, 400 रु / बीज उपचार, 10,000 रु बीज, 6000 रु दवाइयों का स्प्रे मौसम अनुसार दो या तीन बार, 4000 रु निराई -गुड़ाई, 900 रु / स्प्रे हेतु 3 मजदूर, 10,000 रु कटाई प्रति हेक्टर 25 मजदूर, 3600 रु थ्रेसिंग 3 घंटे, 1000 रु अन्य खर्च, कुल खर्च 40,700/ रु प्रति हेक्टेयर। प्रति एकड़ के हिसाब से कुल लागत खर्च देखा जाए तो ये करीब 16,471 रु आता है।

सोयाबीन का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 20 से 25 क्विंटल के बीच होता है। 20 क्विंटल औसत उत्पादन और 6000 रु / प्रति क्विटंल की दर से कुल आमदनी 1,20,000 रु – कुल खर्च 40,700 रु =79,300 रु /हे लाभ हो सकता है, यदि मौसम अनुकूल रहा तो। प्रति एकड़ के हिसाब से देखा तो ये करीब 32,092 रु आता है।

ऊपर दी गई खेती की तीनों लागतों की तुलना करना मुश्किल है क्योंकि बहुत सारे परिवर्तनशील कारक हैं जिन्हें किसान ने ध्यान में रखा है। यहां तक कि तीनों किसानों की बाजार दरें भी अलग-अलग हैं जो उन्हें अलग-अलग लाभ स्तर देती हैं।

खेती की यह लागत आपको खेती की तीन परिवर्तनीय लागतों को समझने और बाजार मूल्य के अनुसार कुल निवेश का निर्णय लेने में मदद करेगी। आप इस लेख को अन्य किसानों के साथ साझा कर सकते हैं और उनसे पूछ सकते हैं कि वे किस खेती की लागत का पालन करते हैं। इससे आपको अपनी सोयाबीन की फसल में निवेश और खर्च के संबंध में बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

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