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फसल की खेती (Crop Cultivation)

धान की नर्सरी प्रबंधन: स्वस्थ पौध तैयार करने के लिए ICAR-CRRI की सलाह

06 अगस्त 2026, नई दिल्ली: धान की नर्सरी प्रबंधन: स्वस्थ पौध तैयार करने के लिए ICAR-CRRI की सलाह – अच्छी पौध ही बेहतर उत्पादन की नींव

धान की सफल खेती स्वस्थ एवं मजबूत पौध से शुरू होती है। यदि नर्सरी सही ढंग से तैयार की जाए तो पौधों की स्थापना बेहतर होती है और रोपाई के बाद उनकी वृद्धि भी तेज रहती है।

आईसीएआर–केन्द्रीय धान अनुसंधान संस्थान ने सलाह दी है कि जुलाई के दूसरे पखवाड़े तक नर्सरी की बुवाई पूरी कर ली जाए तथा सिंचाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था वाले खेत का चयन किया जाए। 

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नर्सरी तैयार करते समय रखें इन बातों का ध्यान

संस्थान के अनुसार रोपाई के लिए आवश्यक पौध तैयार करने हेतु प्रति एकड़ लगभग 320 वर्गमीटर (8 सेंट) क्षेत्र पर्याप्त होता है। नर्सरी की क्यारियां लगभग 10 सेंटीमीटर ऊंची तथा 1.2 से 1.5 मीटर चौड़ी बनाई जानी चाहिए, ताकि सिंचाई और जल निकासी सुचारु बनी रहे। 

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बीज दर और पोषण का रखें संतुलन

उच्च उत्पादक किस्मों के लिए 14–16 किलोग्राम तथा संकर धान के लिए 5–6 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ पर्याप्त माना गया है। यदि मिट्टी कम उपजाऊ हो तो नर्सरी तैयार करते समय नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का संतुलित प्रयोग करने की सलाह दी गई है। जिंक की कमी वाले क्षेत्रों में जिंक सल्फेट का उपयोग भी लाभकारी माना गया है। 

सामुदायिक नर्सरी भी है बेहतर विकल्प

खारे पानी या लवणीय क्षेत्रों में संस्थान ने कम प्रभावित स्थानों पर सामुदायिक नर्सरी विकसित करने की सलाह दी है, जिससे किसानों को स्वस्थ पौध उपलब्ध हो सके।


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