सोयाबीन में बिहार हेयरी कैटरपिलर और टस्क मोथ का प्रकोप, ICAR-NSRI ने किसानों को बताए बचाव के उपाय
10 अगस्त 2026, नई दिल्ली: सोयाबीन में बिहार हेयरी कैटरपिलर और टस्क मोथ का प्रकोप, ICAR-NSRI ने किसानों को बताए बचाव के उपाय – सोयाबीन की फसल को कीटों से बचाने के लिए राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (ICAR-NSRI), इंदौर ने किसानों के लिए 3 से 9 अगस्त 2026 की साप्ताहिक कृषि सलाह जारी की है। संस्थान ने सोयाबीन में बिहार हेयरी कैटरपिलर और टस्क मोथ का प्रकोप होने पर किसानों को शुरुआती अवस्था में ही नियंत्रण के उपाय अपनाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार ये कीट झुंड में रहकर फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए समय रहते प्रभावित पौधों को हटाना और अनुशंसित कीटनाशक का छिड़काव करना जरूरी है।
प्रभावित पौधों को खेत से निकालकर करें नष्ट
ICAR-NSRI की सलाह के अनुसार बिहार हेयरी कैटरपिलर और टस्क मोथ का प्रकोप दिखाई देने पर किसान प्रारंभिक अवस्था में ही झुंड में मौजूद इल्ली वाले प्रभावित पौधों को खेत से निकालकर नष्ट करें। इससे कीटों के फैलाव को रोकने में मदद मिलेगी और आसपास के स्वस्थ पौधों को नुकसान से बचाया जा सकेगा। इसके साथ ही फसल पर अनुशंसित कीटनाशकों में से किसी एक का छिड़काव करने की सलाह दी गई है।
इन कीटनाशकों में से किसी एक का करें छिड़काव
कीट नियंत्रण के लिए किसानों को निम्न में से किसी एक कीटनाशक के इस्तेमाल की सलाह दी गई है—
- Flubendiamide 20 WG — 250-300 ग्राम प्रति हेक्टेयर
- Flubendiamide 39.35 SC — 150 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर
- Lambda-cyhalothrin 04.90% CS — 300 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर
- Indoxacarb 15.80% EC — 333 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर
किसानों को सलाह दी गई है कि कीटों का प्रकोप दिखाई देते ही शुरुआती अवस्था में नियंत्रण उपाय शुरू करें। प्रभावित पौधों को हटाने के साथ अनुशंसित कीटनाशक का उचित मात्रा में छिड़काव करने से फसल को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।
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