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फसल की खेती (Crop Cultivation)

धान में लीफ फोल्डर प्रबंधन: समय पर निगरानी से बचाई जा सकती है उपज

04 अगस्त 2026, नई दिल्ली: धान में लीफ फोल्डर प्रबंधन: समय पर निगरानी से बचाई जा सकती है उपज –

पत्तियां मुड़ना है शुरुआती संकेत

लीफ फोल्डर की सूंडी धान की पत्तियों को मोड़कर उनके भीतर रहकर हरित ऊतक को खाती है। इससे प्रकाश संश्लेषण प्रभावित होता है और पौधों की वृद्धि पर असर पड़ता है।

आईसीएआर-सीआरआरआई ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों का नियमित निरीक्षण करें ताकि शुरुआती अवस्था में ही कीट की पहचान हो सके। 

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कब करें नियंत्रण

यदि प्रति पौधा लगभग दो मुड़ी हुई पत्तियां दिखाई दें तो इसे आर्थिक क्षति स्तर माना गया है। ऐसी स्थिति में नियंत्रण उपाय अपनाना उचित रहेगा। 

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अनुशंसित कीटनाशी

प्रकोप अधिक होने पर क्लोरान्ट्रानिलिप्रोल 18.5 एससी, टेट्रानिलिप्रोल 200 एससी अथवा फ्लूबेंडियामाइड 20 डब्ल्यूजी का अनुशंसित मात्रा में 200 लीटर पानी प्रति एकड़ के साथ छिड़काव किया जा सकता है। 

नियमित निगरानी है सबसे प्रभावी उपाय

विशेषज्ञों का मानना है कि फेरोमोन ट्रैप और नियमित खेत निरीक्षण के साथ समय पर नियंत्रण अपनाने से लीफ फोल्डर से होने वाली उपज हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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